
इजरायल-हिजबुल्लाह तनाव फिर भड़का, लेबनान में 17 लोगों की मौत! फोटो में इजरायल के पीएम नेतन्याहू (इमेज सोर्स: वसीम जैदी एक्स यूजर)
Israel Strikes: अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच लेबनान से एक बड़ी खबर सामने आई है। ताजा जानकारी के मुताबिक, इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के तीन शहरों- सफद अल-बत्तीख, बुडयास और नबातीह पर ड्रोन के जरिए जोरदार बमबारी की।
इन हमलों में अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक 12 साल की मासूम बच्ची भी शामिल है। चार लोगों की जान बेरुत के पास गई, जबकि दक्षिणी इलाकों में तबाही का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला।
हालात इसलिए और गंभीर हो गए हैं क्योंकि संघर्ष विराम लागू होने के बावजूद इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच हमले थमने का नाम नहीं ले रहा। ‘अलजजीरा’ के मुताबिक, इजरायली सेना ने कब्जे वाले वेस्ट बैंक में भी कार्रवाई की है।
लेबनान और इजरायल के बीच संघर्ष विराम लागू होने के बावजूद दोनों तरफ से हमले लगातार जारी हैं। सरकारी न्यूज एजेंसी के अनुसार, बेरुत को दक्षिणी शहर सिडोन से जोड़ने वाले राजमार्ग पर दो बड़े हमले हुए, जिनमें कई लोग घायल हो गए। वहीं चौफ इलाके की ओर जाने वाली सड़क पर हुए एक अन्य हमले में तीन लोगों की मौत हो गई।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि दक्षिणी गांव साक्साकियेह पर हुए इजरायली हवाई हमले में सात लोगों की जान चली गई, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है। इसके अलावा 15 लोग घायल हुए हैं। दक्षिणी लेबनान के बुर्ज रहल गांव में हुए हमले में तीन लोगों की मौत हुई, जबकि मैफादौन इलाके में एक व्यक्ति मारा गया।
नबातीयेह शहर में ड्रोन हमले के दौरान एक सीरियाई नागरिक और उसकी 12 साल की बेटी की भी मौत हो गई, जब वे मोटरसाइकिल पर जा रहे थे। इन हमलों के जवाब में हिजबुल्लाह ने भी उत्तरी इजरायल में ड्रोन हमला किया। संगठन ने कहा कि उसने मिसगाव अम इलाके में इजरायली सैनिकों के ठिकाने को निशाना बनाया।
अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में बिचौलिये की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान को यूएई ने बड़ा झटका दिया है। पाक की मध्यस्थता से नाराज यूएई ने हजारों की संख्या में पाकिस्तानी कामगारों को डिपोर्ट कर दिया है। अमेरिकी मीडिया के अनुसार यूएई इस बात से नाराज है कि पाकिस्तान ने यूएई पर हुए हमलों की निंदा नहीं की। निकाले गए पाकिस्तानी कामगारों में ज्यादातर शिया मुस्लिम हैं। निकाले जाने से पहले इन्हें बिना कारण बताए हिरासत में भी रखा गया था। हालांकि यूएई की ओर से अभी इस मामले पर सार्वजनिक बयान नहीं दिया गया है।
अमेरिका और ईरान जल्द स्थायी सीजफायर के लिए बातचीत की मेज पर फिर वापस लौट सकते हैं। अमरीकी मीडिया के अनुसार पाकिस्तान में अगले हफ्ते दोनों के बीच बातचीत शुरू हो सकती है। दोनों पक्ष 14 बिंदुओं वाले एमओयू को तैयार करने के लिए मध्यस्थों के जरिए बात कर रहे हैं। वहीं राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि अगर बातचीत में रुकावट आती है तो वॉशिंगटन का रुख और सख्त हो सकता है। ट्रंप ने कहा कि अगर चीजें सही नहीं रहीं तो हम प्रोजेक्ट फ्रीडम पर वापस जा सकते हैं।
ईरान के मुद्दे पर ट्रंप प्रशासन बेहद उलझाव वाली स्थिति में है। एक रिपोर्ट के अनुसार इसे अधर में लटकी हुई स्थिति माना जा रहा है। हालांकि प्रशासन मानता है कि ईरान के साथ फिलहाल युद्ध विराम जैसी स्थिति है। इस ठहराव को अमरीका मैनेज करने का प्रयास कर रहा है।
Updated on:
10 May 2026 12:12 am
Published on:
09 May 2026 11:58 pm
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