मस्क से नोकझोंक के बाद में White House लिपापोती पर उतर आया था और ट्रंप के इशारे पर मस्क से सुलह कराने के लिए मीटिंग तक बुलाने वाला था। बाद में ट्रंप का मूड बदल गया।
दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका के मुखिया राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फिर 'मूड स्विंग' का दौरा पड़ा है। इस बार दौरे की वजह दुनिया के सबसे अमीर बिजनेसमैन एलन मस्क हो सकते हैं। क्योंकि एक दिन पहले ही दोनों की सोशल मीडिया पर जमकर तू-तू मैं-मैं हुई थी। इससे पहले ट्रंप टैरिफ को लेकर बार-बार बदलाव की घोषणा करते थे। पहले कहा पूरी दुनिया पर लगाएंगे, फिर कुछ देशों को छूट दी और उसके बाद अचानक पोस्टपोन कर दिया।
मस्क से नोकझोंक के बाद में White House लिपापोती पर उतर आया था और ट्रंप के इशारे पर मस्क से सुलह कराने के लिए मीटिंग तक बुलाने वाला था। बाद में ट्रंप का मूड बदल गया। उन्होंने कहा कि ऐसे आदमी से बात करने का कोई फायदा नहीं, जिसका दिमाग खराब हो गया हो। इसके बाद ट्रंप इतना खीझ गए कि मस्क की कंपनी टेस्ला की खरीदी हुई लाल रंग की कार तक बेचने जा रहे हैं।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक व्हाइट हाउस के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि ट्रंप इतना खफा हो गए हैं कि अपनी पसंदीदा टेस्ला मॉडल एस व्हीकल को बेचने की तैयारी कर रहे हैं, जिसे उन्होंने इसी साल मार्च में खरीदा था। कार व्हाइट हाउस में ही खड़ी है। ट्रंप ने एलन मस्क की मदद करने के लिए इस कार को खरीदा था।
उन्होंने कार खरीदते समय ऐलान किया था कि मैं कार को पूरी कीमत 80 हजार डॉलर में खरीद रहा हूं। मुझे डिस्काउंट नहीं चाहिए। मस्क मुझे डिस्काउंट दे देंगे लेकिन फिर कहा जाएगा मैंने राष्ट्रपति पद का फेवर लिया। ट्रंप ने टेस्ला को प्रमोट करने के लिए मस्क की कंपनी की कार खरीदी थी। उस दौरान शेयर बाजार में टेस्ला की हालत पतली हो गई थी।
गुरुवार को मस्क और ट्रंप के बीच नोकझोंक शुरू हुई थी। ट्रंप ने अपने दफ्तर में कहा था कि वह मस्क से काफी निराश हैं। मैंने उनकी इतनी मदद की और उन्होंने ये सिला दिया। इस पर मस्क ने भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अगर मैंने सपोर्ट नहीं किया होता तो 2024 का राष्ट्रपति चुनाव रिपब्लिकन नहीं जीत पाते। मैंने ट्रंप के कैंपेन पर 30 लाख डॉलर खर्च किए थे। बाद में दोनों के बीच सुलह की कोशिशें हुईं लेकिन अब ट्रंप का मूड बदल गया।