Elon Musk की कंपनी स्पेसएक्स के फाल्कन-9 रॉकेट से इंसान अंतरिक्ष मेें उस जगह पहुंचेगा जहां पर 1972 के अपोलो मिशन के बाद अब तक नहीं पहुंचा था।
Elon Musk एलन मस्क की एयरोस्पेस कंपनी स्पेसएक्स इतिहास रचने की तैयारी में है। अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो अब इंसान अंतरिक्ष में उस जगह पर पहुंचेगा जहां अपोलो के मिशन के बाद अब तक कोई नहीं पहुंचा। दरअसल बुधवार को SpaceX का ‘पोलारिस डॉन’ मिशन लॉन्च किया जाएगा। फाल्कन-9 रॉकेट के जरिए स्पेसक्राफ्ट को पृथ्वी की निचली कक्षा में भेजा जाएगा। इसमें चार निजी एस्ट्रोनॉट्स सवार रहेंगे, जो इतिहास की पहली कमर्शियल स्पेसवॉक (Spacewalk) को अंजाम देंगे। चारों अंतरिक्ष में इतनी दूर जाएंगे, जहां 1972 के अपोलो-17 मिशन के बाद कोई इंसान नहीं गया।
‘पोलारिस डॉन’ मिशन का खर्च अरबपति जेरेड इसाकमैन उठा रहे हैं। वह मिशन कमांडर और इसके चार अंतरिक्ष यात्रियों में से एक हैं। उनके ‘पोलारिस प्रोग्राम’ का यह पहला मिशन है। इसाकमैन दूसरी बार अंतरिक्ष यात्रा पर जा रहे हैं। मिशन की लॉन्चिंग पहले 27 अगस्त को होने वाली थी, लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के कारण इसे एक दिन के लिए स्थगित कर दिया गया था। स्पेसक्राफ्ट को फ्लोरिडा में नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर के लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39-ए से लॉन्च किया जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो 29 अगस्त को उसी समय लॉन्चिंग के बैकअप उपलब्ध हैं।
पोलारिस डॉन मिशन का मकसद पहली बार कमर्शियल स्पेसवॉक का प्रदर्शन है। स्पेसएक्स के नए डिजाइन किए गए एक्स्ट्रावेहिकुलर एक्टिविटी (ईवीए) सूट पहनकर अंतरिक्ष यात्री कुछ ऐसा करेंगे, जो चुनिंदा इंसानों को नसीब हुआ है। वे अंतरिक्ष के निर्वात में तैरेंगे। अंतरिक्ष में चहलकदमी पोलारिस डॉन की पांच दिन की उड़ान के तीसरे दिन 31 अगस्त को होगी। इससे अंतरिक्ष पर्यटन में नई संभावनाएं खुलेंगी।
जेरेड इसाकमैन के साथ मिशन के पायलट रिटायर्ड अमरीकी एयरफोर्स लेफ्टिनेंट कर्नल स्कॉट किड पोटेट और दो स्पेसएक्स कर्मचारी सारा गिलिस और अन्ना मेनन शामिल होंगे। दोनों लीड स्पेस ऑपरेशन इंजीनियर हैं। मिशन में ये विशेषज्ञों के रूप में काम करेंगे।