विदेश

धरती पर अंतरिक्ष से गिरने वाला है सैटेलाइट, जानिए कब और कहां होगा क्रैश 

Salsa Satellite: धरती पर ये सैटेलाइट 8 सितंबर को गिरने वाला है। इसे लेकर वैज्ञानिक काफी चिंता में है कि ये कहीं रिहायशी इलाके में ना गिर जाए, जिससे बड़े स्तर पर जन-धन की हानि हो सकती है।

2 min read
प्रतीकात्मक छवि

Salsa Satellite: अंतरिक्ष से तेज रफ्तार के साथ एक सैटेलाइट धरती की तरफ दौड़ता हुआ चला आ रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ये सैटेलाइट यूरोप (Europe) का है जिसे लगभग 24 साल पहले 2004 में अंतरिक्ष में भेजा गया था। इसका नाम सालसा है। सालसा, जो कि एक डांस फॉर्म है। इसी डांस फॉर्म पर इसका नाम रखा गया था। अब ये सैटेलाइट सालसा अब कभी नाच नहीं पाएगा, धरती पर गिरते ही ये तबाह हो जाएगा।

कब गिरेगा धरती पर?  

सालसा नाम का उपग्रह धरती के वायुमंडल में प्रवेश करते ही जलने लगेगा। वैज्ञानिक इसे प्रशांत महासागर में गिराने का काम कर रहे हैं, ताकि कम से कम नुकसान हो। वैज्ञानिक इसे बेहद कंट्रोल्ड तरीके से 1 लाख 30,000 किमी से नीचे दक्षिण प्रशांत के एक चुने हुए क्षेत्र में गिराने की कोशिश में जुटे हुए हैं, जिसके बारे में कहना है कि अगर सब कुछ ठीक रहा को ये प्रशांत महासागर में ही गिरेगा। ये घटना कुछ दिनों बाद 8 सितंबर को ही होने वाली है। 

इसी तरह कुछ साल पहले कंट्रोल़्ड तरीके से एक और उपग्रह को समंदर में गिराया गया था। ताकि अंतरिक्ष में कचरा कम से कम फैले और धरती पर रिहायशी इलाकों में इसके नष्ट होने से रोका जा सके।

तीन और साथियों के साथ हुई थी सालसा की लॉन्चिंग

बता दें कि सालसा क्लस्टर चार-टुकड़ों वाले समूह का एक सदस्य है। साल्सा के तीन और सैटेलाइट सन् 2000 में अंतरिक्ष में भेजे गए थे। जिनका नाम भी डांस फॉर्म में रखा गया था, इनका नाम था रूंबा, टैंगो और सांबा, चौथा है सालसा। ये चारों साल 2000 से चार समान उपग्रह पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र की निगरानी कर रहे हैं। जब क्लस्टर पहली बार लॉन्च हुआ, तो इसका मिशन केवल दो साल तक चलने का इरादा था। इसके बजाय, इसके उपग्रह अभी भी बरकरार हैं और लगभग एक चौथाई सदी बाद भी मूल्यवान वैज्ञानिक डेटा वापस भेज रहे हैं। अफ़सोस, क्लस्टर के दिन अब गिनती के रह गये हैं।

Also Read
View All

अगली खबर