
Exercise Pitch Black 2026 Updates: भारत की आसमानी ताकत एक बार फिर दुनिया के सामने दिखने वाली है। भारतीय वायुसेना यानी कि इंडियन एयर फोर्स का राफेल दस्ता ऑस्ट्रेलिया पहुंच चुका है। यहां वह दुनिया के सबसे बड़े मल्टीनेशनल एयर कॉम्बैट अभ्यास ‘पिच ब्लैक 2026’ में हिस्सा लेगा। इस अभ्यास में 19 देशों की वायुसेनाएं एक साथ उड़ान भरेंगी। भारतीय वायुसेना के लिए यह सिर्फ एक अभ्यास नहीं, बल्कि अपनी आधुनिक क्षमता, बेहतर तालमेल और ऑपरेशनल तैयारी दिखाने का बड़ा मौका है।
मीडिया रिपोट्स के मुताबिक, भारतीय वायुसेना का दस्ता ऑस्ट्रेलिया के डार्विन पहुंच गया है। इस टीम में चार राफेल लड़ाकू विमान शामिल हैं। इनके साथ दो C-17 ग्लोबमास्टर ट्रांसपोर्ट विमान भी पहुंचे हैं। मिशन में 120 से ज्यादा एयर वॉरियर्स हिस्सा ले रहे हैं।
IAF ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी दी है। वायुसेना ने कहा कि ‘पिच ब्लैक 2026’ इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाने और ऑपरेशनल सहयोग मजबूत करने का बेहतरीन मंच है। इस दौरान भारतीय पायलट दूसरे देशों की वायुसेनाओं के साथ उड़ान भरेंगे। साथ ही नई रणनीतियां सीखेंगे और अपने अनुभव भी साझा करेंगे।
बता दें एक्सरसाइज ‘पिच ब्लैक 2026’ का आयोजन 20 जुलाई से 7 अगस्त तक उत्तरी ऑस्ट्रेलिया में होगा। यह रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स (RAAF) का सबसे बड़ा और हर दो साल में होने वाला युद्धाभ्यास है।
इस बार अभ्यास में करीब 100 लड़ाकू और सैन्य विमान हिस्सा लेंगे। इनके संचालन में 2,500 से ज्यादा सैन्य कर्मी सहयोग करेंगे। उड़ानें डार्विन, टिंडल और एम्बरली एयरबेस से संचालित होंगी।
भारतीय उच्चायोग ने भी भारतीय एयरफोर्स का स्वागत किया। और जानकारी देते हुए कहा कि अगले तीन सप्ताह तक भारतीय वायुसेना के जवान अन्य देशों के साथ मिलकर उड़ान भरेंगे। इससे कॉम्बैट फ्लाइंग स्किल्स बेहतर होंगी। आपसी तालमेल मजबूत होगा और लंबे समय तक रक्षा सहयोग को नई मजबूती मिलेगी।
‘पिच ब्लैक 2026’ में भारत के अलावा अमेरिका, सिंगापुर, जापान, फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, इंडोनेशिया, दक्षिण कोरिया, फिलीपींस, थाईलैंड और पापुआ न्यू गिनी समेत कई देशों के विमान हिस्सा लेंगे। वहीं न्यूजीलैंड, कनाडा, फिजी, ब्रुनेई, मलेशिया, फिनलैंड और स्वीडन के सैन्य प्रतिनिधि भी अभ्यास में शामिल रहेंगे।
बता दें इस बार जापान पहली बार अपने F-35 लाइटनिंग II लड़ाकू विमानों के साथ हिस्सा ले रहा है। इंडोनेशिया भी अपने T-50I गोल्डन ईगल जेट्स के साथ मौजूद रहेगा।
एक्सरसाइज कमांडर एयर कमोडोर मैथ्यू मैककॉर्मैक ने कहा कि यह सिर्फ सैन्य अभ्यास नहीं, बल्कि सहयोगी देशों के बीच भरोसा बढ़ाने का स्टेज है। यहां सभी देश साथ मिलकर योजना बनाते हैं, चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अभ्यास करते हैं। साथ ही भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की तैयारी करते हैं।