
FlyDubai Flight FZ1073: फ्लाईदुबई की FZ1073 उड़ान में कॉकपिट के भीतर हुआ हमला सिर्फ विमान सुरक्षा का मामला नहीं रह गया है। विमान को तबाही से बचाने वाले दो अतिरिक्त पायलट अब जांच की नई कड़ी बन गए हैं। ये दोनों यात्री बनकर विमान में सवार थे और अगली उड़ान के लिए तेल अवीव जा रहे थे। संकट के समय उनकी मौजूदगी ने विमान को संभालने में निर्णायक भूमिका निभाई। इसी बीच ऑस्ट्रेलिया ने आरोपी को-पायलट के देश से जुड़े संभावित संपर्कों की जांच शुरू की है।
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब भारतीय कप्तान स्मित मच्छार पर उनके सह-पायलट ने कथित तौर पर हमला कर दिया। रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपी को-पायलट की पहचान ओमानी नागरिक हमाम अल-हम्ममी के रूप में हुई है। संयुक्त अरब अमीरात की ओर से बताया गया कि हमले में कॉकपिट में मौजूद कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किया गया था।
हमले के दौरान विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर था। रॉयटर्स के अनुसार, विमान लगभग 30 सेकंड में 16 हजार फीट से ज्यादा नीचे आ गया। स्थिति इतनी गंभीर थी कि विमान का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। घायल होने के बावजूद कप्तान मच्छार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे।
इसके बाद विमान में मौजूद दो अतिरिक्त पायलट तेजी से कॉकपिट तक पहुंचे। उन्होंने नियंत्रण अपने हाथ में लिया और विमान को स्थिर करने के बाद सऊदी अरब के तबुक में आपात लैंडिंग कराई। ये दोनों पायलट सामान्य यात्री नहीं थे। वे अगली ड्यूटी के लिए तेल अवीव से दुबई लौटने वाले थे और इसी वजह से यात्री के रूप में FZ1073 में सफर कर रहे थे। एविएशन इंडस्ट्री में ऐसी यात्रा को ‘डेडहेडिंग’ कहा जाता है।
यात्री डैनियल श्लिक्टर ने प्रेस को बताया कि हर उड़ान में अतिरिक्त पायलटों का होना सामान्य बात नहीं है। उनके मुताबिक, इस घटना में इन दोनों की मौजूदगी बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई।
अब जांच का एक और पहलू सामने आया है। ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों द्वारा आरोपी सह-पायलट के देश से जुड़े संभावित संपर्कों की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, फ्लाईदुबई ने उन दो पायलटों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है, जिन्होंने संकट के बीच विमान को संभाला।
कप्तान मच्छार ने बाद में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को घटना का विवरण देते हुए बताया कि सह-पायलट प्रार्थना के लिए उठा था और इसके बाद अचानक हमला शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि हमले के दौरान उनकी दृष्टि धुंधली पड़ने लगी थी।