
Flydubai hijack attempt:फ्लाई दुबई विमान को हाईजैक करने की कोशिश पर ईरान की तरफ से बयान आया है। ईरानी मीडिया प्रेस टीवी ने दावा किया है कि यह घटनाक्रम इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की कथित साजिश हो सकती है।
ईरान ने कहा कि इस प्लानिंग का मकसद नेतन्याहू पर 7 अक्टूबर के हमास हमले को लेकर बढ़ते सवालों से ध्यान हटाना और इजरायल में आगामी चुनाव में उनकी स्थिति मजबूत करना हो सकता है। साथ ही, ईरान के खिलाफ नई कार्रवाई को वैधता दिलाने के लिए भी ये साजिश रची गई हो।
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ समय पहले कहा था कि अगर फ्लाई दुबाई के विमान के आरोपी को-पायलट और ईरान के बीच कोई भी कनेक्शन सामने आता है तो ईरान पर बहुत बड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अमेरिका इस मामले की जांच कर रहा है और उन्हें जानकारी मिली है कि इस घटना में ईरान की भूमिका हो सकती है।
सऊदी अरब की जांच में पता चला है कि को-पायलट ने कैप्टन पर हमला किया था। दोनों पायलटों का अस्पताल में इलाज हुआ। गुरुवार सुबह आरोपी को अबु धाबी भेजा गया। यूएई प्रशासन ने मामले की जांच तेज कर दी है, जबकि भारत के राजदूत ने घायल कैप्टन स्मित मच्छार से मुलाकात की है।
ओमानी को-पायलट धार्मिक कट्टरपंथी था। उसके साथ काम कर चुके एक पायलट ने इजरायली न्यूज चैनल 16 से इंटरव्यू के दौरान बताया। उसने कहा कि आरोपी महिलाओं से हाथ भी नहीं मिलाता था। उसने कहा कि कंपनी ने एक आतंकवादी को नौकरी पर रखा। जिसकी वजह से करीब 180 यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई।
क्या है पूरा मामला ?
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में कॉकपिट को-पायलट ने कैप्टन को नुकीले हथियार से हमला कर घायल कर दिया। आरोप है कि ओमान मूल के सह-पायलट ने चाकू से कप्तान पर वार किया, जिसके बाद विमान अचानक तेजी से नीचे की ओर जाने लगा। हालात बिगड़ते देख यात्री और केबिन क्रू के सदस्य कॉकपिट तक पहुंचे और आरोपी को काबू में किया। इससे विमान को संभालने में मदद मिली, और उसे सऊदी अरब के तबूक शहर में आपात स्थिति में उतारा गया।