QUAD Countries Meeting in Japan: विदेश मंत्री एस जयशंकर क्वाड देशों की बैठक में मौजूद हैं। ये बैठक जापान के टोक्यो में आयोजित की गई है।
QUAD Countries Meeting in Japan: जापान की राजधानी टोक्यो में QUAD (क्वाड) देशों की बैठक हो रही है। भारत की तरफ से विदेश मंत्री एस जयशंकर पहुंचे हैं। सोमवार को उन्होंने इस बैठक को संबोधित किया जिसमें उन्होंने भारत की ताकत, उसकी क्षमता, उसके विज़न और उसके मिशन से अमेरिका को ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को रूबरू कराया। इस बैठक में क्वाड देशों के सदस्य अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलियाई के विदेश मंत्री भी मौजूद थे।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने क्वाड (Quadrilateral Security Dialogue) की इस बैठक में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में आर्थिक, सुरक्षा और मानवीय मुद्दों पर आपसी समझ विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि “टोक्यो में दोबारा मिलना बहुत अच्छा है। हमारी आखिरी क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक 10 महीने पहले न्यूयॉर्क में हुई थी। उस दौरान हम द्विपक्षीय रूप से या अन्य कार्यक्रमों के मौके पर एक-दूसरे से मिले हैं। हालांकि, हमारे सिस्टम, हमारे शेरपाओं के नेतृत्व में, लगातार बातचीत कर रहे हैं। इसलिए आज बात करने, सहमत होने और आगे की योजना बनाने के लिए बहुत कुछ है।”
एस जयशंकर ने आगे कहा कि हमारे लिए वैश्विक आर्थिक विकास को सुनिश्चित करने के साथ-साथ जोखिम को कम करना भी एक बड़ी चुनौती है। हमारी सप्लाई चेन लचीलेपन के लिए विशेष तौर पर केंद्रित हैं। जैसे हमने भरोसेमंद और पारदर्शी डिजिटल साझेदारी पर जोर दिया, उससे प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भी असाधारण प्रचार-प्रसार हुआ। जिस तरह से हम रहते हैं, सोचते हैं और कार्य करते हैं, उसी तरह की संभावनाएं हमारे पास आज मौजूद हैं या यूं कहें कि हम दोबारा हो रहे वैश्वीकरण के बीच खड़े हैं।
एस जयशंकर ने अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया को एक मजबूत मैसेज भी दिया जिसमें QUAD के अटल रहने, मजबूती से काम करने और आगे बढ़ते रहने का भाव था। उन्होंने कहा कि “राजनीतिक लोकतंत्रों, बहुलवादी समाजों और बाज़ार की अर्थव्यवस्थाओं के रूप में हमारे पास महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारियां भी हैं। हमारे पास शासन आधारित व्यवस्था को कायम रखने का बड़ा सवाल है।
भारत ने कहा कि ये केवल एक ऐसा सहयोग है जो यह सुनिश्चित कर सकता है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र मुक्त, खुला, स्थिर, सुरक्षित और समृद्ध बना रहे। वैश्विक सुरक्षा पर हम सभी ने जो प्रतिबद्धता जताई है, उसकी प्रतिध्वनि इस सीमा से भी आगे तक है। इसलिए ये जरूरी है कि राजनीतिक समझ को मजबूत किया जाए, आर्थिक साझेदारी को बढ़ाया जाए, प्रौद्योगिकी सहयोग को बढ़ाया जाए। हमारे लोगों के बीच सहजता को बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि दुनिया को ये कड़ा मैसेज जाना चाहिए कि यहां पर क्वाड है और अपना काम कर रहा है और मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
दरअसल QUAD चार देशों का एक समूह है, जिसे हिंदी में (चतुर्भुज सुरक्षा संवाद और अंग्रेजी में क्वाडिलेट्रल सिक्योरिटी डायलॉग कहते हैं। इन 4 देशों में संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान और भारत शामिल हैं। ये देश QUAD के उद्देश्यों को बनाए रखने के लिए शिखर सम्मेलनों, चर्चाओं, खुफिया आदान-प्रदान और सैन्य प्रशिक्षण अभ्यासों में सक्रिय रूप से शामिल रहते हैं।