अगर ऐसा होता है, तो यह 1983 के बाद पहली बार होगा जब दोनों देशों के बीच इतने बड़े स्तर पर सीधी और अहम बातचीत होगी। ट्रंप का मानना है कि दोनों पक्ष अब शांति चाहते हैं और हालात जल्दी सुधर सकते हैं। फिलहाल, यह सीजफायर एक उम्मीद की तरह है। लोग चाहते हैं कि यह सिर्फ कुछ दिनों का समझौता न रहे, बल्कि लंबे समय की शांति की शुरुआत बने। अब नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में यह पहल किस दिशा में जाती है।