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तूफानी रातों में ‘जगमगाते’ हैं जंगल, कैमरे में कैद हुई पौधों की ‘रोशनी’

हाल ही में बिजली कड़कने के दौरान एक ऐसा नज़ारा देखने को मिला जिससे दशकों से वैज्ञानिकों का अनुमान सच साबित हो गया।
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Feb 26, 2026
Light on plant leaves
Light on plant leaves

दशकों से वैज्ञानिक यह अनुमान लगा रहे थे कि तूफानों के दौरान पेड़ों से रोशनी निकलती है, लेकिन अब पहली बार इसे कुदरत के बीच रिकॉर्ड किया गया है। पेंसिलवेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के मौसम विज्ञानी के नेतृत्व में वैज्ञानिकों ने पाया कि गरजते बादलों के नीचे पेड़ किसी जुगनू की तरह पराबैंगनी (यूवी) रोशनी में चमकते हैं। इसे प्रयोगशाला में तो देखा गया था, लेकिन जंगलों में इसे पकड़ना नामुमकिन जैसा था। टीम ने एक कार की छत पर पेरिस्कोप, लेज़र रेंजफाइंडर और एक यूवी कैमरा लगाकर तूफानी बादलों के बीच इस रहस्यमयी चमक को रिकॉर्ड किया। यह बिजली की धाराएं पेड़ के भोजन बनाने की क्षमता को कुछ हद तक प्रभावित करती है।

'हज़ारों जुगनुओं' जैसा नज़ारा

नॉर्थ कैरोलिना के पेमब्रोक में एक तूफान के दौरान वैज्ञानिकों ने सिर्फ 90 मिनट में पौधों की पत्तियों के नुकीले सिरों पर 41 'कोरोना डिस्चार्ज' की घटनाएं दर्ज कीं। यह रोशनी लगभग 3 सेकंड तक टिकती थी और हवा में हिलती हुई टहनियों के साथ एक पत्ती से दूसरी पत्ती पर 'उछलती' हुई प्रतीत हुई।

क्या है 'कोरोना डिस्चार्ज'?

जब आसमान में बिजली कड़कती है और तूफान आता है, तो बादलों और ज़मीन के बीच एक शक्तिशाली विद्युत क्षेत्र बन जाता है। ज़मीन से विपरीत इलेक्ट्रिक चार्ज पेड़ों के सबसे ऊंचे हिस्सों यानी पत्तियों के शीर्ष तक पहुंचता है। यहाँ से एक बहुत धुंधली नीली रोशनी निकलती है, जिसे 'कोरोना डिस्चार्ज' कहा जाता है।

Updated on:
26 Feb 2026 07:58 am
Published on:
26 Feb 2026 07:57 am