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फ्रांस के कई ब्लड बैंक पर साइबर अटैक, स्वास्थ्य मंत्रालय में मचा हड़कंप, क्या-क्या हुआ नुकसान?

फ्रांस में 2 नवंबर को कई ब्लड बैंकों पर साइबर हमला हुआ। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और ब्लड बैंकों में रखे खून और रक्त उत्पादों पर कोई असर नहीं पड़ा है।
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Updated: 4 Nov 2026, 6:40 PM IST
Cyber Fraud
साइबर फ्रॉड (फोटो सोर्स: ANI)

फ्रांस में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संस्थानों पर साइबर हमले हुए हैं। 2 नवंबर को कई ब्लड बैंकों को साइबर हमलावरों ने निशाना बनाया। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।

हालांकि, फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और इस हमले से ब्लड बैंकों में रखे खून और अन्य रक्त उत्पादों पर कोई असर नहीं पड़ा है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने क्या हुआ?

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि साइबर हमले की सूचना मिलने के बाद जरूरी कदम उठाए गए। संबंधित संस्थानों में स्थिति पर नजर रखी गई और हालात को संभालने के लिए कार्रवाई की गई।

हालांकि, मंत्रालय ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि साइबर हमले के पीछे कौन था और हमलावरों ने किस तरह के सिस्टम को निशाना बनाया था।

खून के स्टॉक पर नहीं पड़ा कोई असर

इस साइबर हमले के बाद सबसे बड़ी चिंता ब्लड बैंकों में रखे रक्त उत्पादों की सुरक्षा को लेकर थी। इस बारे में फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने राहत देते हुए कहा है कि साइबर हमले का वहां रखे रक्त उत्पादों पर कोई असर नहीं पड़ा। यानी ब्लड बैंकों में सुरक्षित रखे खून और अन्य उत्पादों की गुणवत्ता या सुरक्षा को लेकर फिलहाल कोई खतरा सामने नहीं आया है।

अस्पतालों और मरीजों की सेवाओं पर भी नजर

स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संस्थानों पर साइबर हमले को गंभीरता से लिया जा रहा है, क्योंकि ऐसे हमलों से जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं के कामकाज पर असर पड़ने की आशंका रहती है।

ब्लड बैंक अस्पतालों के लिए बेहद अहम होते हैं। यहां से जरूरत पड़ने पर मरीजों को खून और रक्त से जुड़े अन्य उत्पाद उपलब्ध कराए जाते हैं। ऐसे में इनके डिजिटल सिस्टम में किसी तरह की गड़बड़ी होने पर रक्त संग्रह, जांच और वितरण से जुड़ी प्रक्रियाएं प्रभावित हो सकती हैं।

फिलहाल मंत्रालय ने किसी मरीज को नुकसान पहुंचने या रक्त आपूर्ति बाधित होने की जानकारी नहीं दी है। हालांकि, एहतियात के तौर पर संबंधित संस्थानों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

Updated on:
4 Nov 2026, 6:40 PM IST
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