Anti-NATO Protests In Paris: फ्रांस नाटो का सदस्य देश है। पर अब पेरिस में फ्रांस के नाटो का सदस्य देश होने की वजह से विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं और तेज़ भी हो गए हैं। क्या है इसकी वजह? आइए जानते हैं।
नाटो (NATO - North Atlantic Treaty Organization) 32 देशों का एक ऐसा ग्रुप है जिसमें 30 यूरोपीय देश और 2 नॉर्थ अमेरिकी देश शामिल हैं। नाटो के सभी मेंबर देश सैन्य मामलों में एक-दूसरे की मदद करते हैं। फ्रांस (France) भी नाटो का एक सदस्य देश है और दूसरे सदस्य देशों की मदद के लिए आगे भी रहता है। पर फ्रांस के कई लोगों को उनके देश का नाटो का हिस्सा होना पसंद नहीं है। जी हाँ, आपने सही पढ़ा। हाल ही में इसका एक सबूत भी मिला और वो भी देश की राजधानी में विरोध प्रदर्शन के रूप में।
पेरिस में तेज़ हुए विरोध प्रदर्शन
हाल ही में फ्रांस की राजधानी पेरिस (Paris) में फ्रांस के नाटो का सदस्य देश होने की वजह से विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं और तेज़ भी हो गए हैं। हज़ारों की तादाद में लोग सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारियों ने बड़ी तादाद में जमा होकर मार्च भी किया और नाटो के खिलाफ नारेबाजी भी की।
फ्रांस के नाटो से अलग होने की उठी मांग
पेरिस में हुए विरोध प्रदर्शन की वजह फ्रांस के नाटो का सदस्य देश होना रही। इन प्रदर्शनकारियों की मांग फ्रांस के नाटो से अलग होने की है। प्रदर्शनकारी इस बात से खुश नहीं है कि फ्रांस जो तरफ से रूस-यूक्रेन युद्ध में यूक्रेन की मदद के लिए फ्रेंच सैनिकों को भेजने की भी बात चल रही है। प्रदर्शनकारी नहीं चाहते कि फ्रांस इस युद्ध का हिस्सा बने। ऐसे में वो चाहते हैं कि फ्रांस न सिर्फ इस युद्ध से दूरी बनाए, बल्कि नाटो में अपनी सदस्यता को भी खत्म करे।