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फल, शहद और कार्ब्स ने बनाया इंसान को बुद्धिमान! नई रिसर्च में हुआ खुलासा

फल, शहद और कार्ब्स के बारे में हाल ही में सामने आई नई रिसर्च में मानव मस्तिष्क से जुड़ा एक बड़ा खुलासा हुआ है।
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Aug 18, 2026
Fruits, honey and carbs
फल, शहद और कार्ब्स (Representational Photo)

मानव मस्तिष्क के विकास की कहानी लंबे समय तक मांस और शिकार से जोड़कर देखी जाती रही है। लेकिन हाल ही में सामने आई नई रिसर्च ने इस धारणा को चुनौती देती है। वैज्ञानिकों के अनुसार मांस से मिले पोषक तत्व महत्वपूर्ण ज़रूर थे, लेकिन फल, शहद और बाद में पकाए गए स्टार्चयुक्त खाद्य पदार्थों से मिलने वाले कार्ब्स ने भी मस्तिष्क के विकास में निर्णायक भूमिका निभाई है। करीब 40 लाख वर्षों के मानव विकास में मस्तिष्क का आकार लगभग 300 ग्राम वाले शुरुआती होमिनिन से बढ़कर आधुनिक इंसान में 1,500 ग्राम तक पहुंचा। इतने बड़े और ऊर्जा-खपत वाले मस्तिष्क को लगातार ईंधन चाहिए था और इसका सबसे पसंदीदा ईंधन ग्लूकोज़ है।

दिमाग को चाहिए होती है सबसे ज़्यादा एनर्जी

इंसानी दिमाग का वजन शरीर के कुल वजन का सिर्फ 2% होता है, लेकिन यह शरीर की कुल 'रेस्टिंग एनर्जी' का 20% हिस्सा अकेले इस्तेमाल करता है। छोटे बच्चों में तो यह खपत 66% तक पहुंच जाती है। मांस से मिलने वाला फैट और प्रोटीन मांसपेशियों को ताकत दे सकता है, लेकिन दिमाग के न्यूरॉन्स को चलाने के लिए ग्लूकोज़ की ही ज़रूरत होती है। ऐसे में इंसानी दिमाग के लिए फल, शहद और कार्ब्स की अहमियत काफी ज़्यादा है।

फल, शहद और कार्ब्स ने बदली कहानी

वैज्ञानिकों ने मानव विकास के 6 चरणों में संभावित आहार का मॉडल तैयार किया। उनके अनुसार शुरुआती मानव पूर्वजों को फल, शहद और अन्य मीठे खाद्य पदार्थों से बड़ी मात्रा में ऊर्जा मिलती थी। कुछ चरणों में उनकी ऊर्जा का 65% से अधिक हिस्सा शुगर से आने का अनुमान लगाया गया। बाद में इंसानों ने आग पर खाना पकाना सीखा। इससे स्टार्चयुक्त पौधों को पचाना आसान हुआ और कार्ब्स मिलने से वो ग्लूकोज़ के लिए ज़्यादा भरोसेमंद स्रोत बन गए।

दांतों से जीन तक मिले संकेत

वैज्ञानिकों ने जीवाश्म दांतों, दांतों में कैविटी, रंग पहचानने की क्षमता और मानव आनुवंशिकी से मिले संकेतों को भी देखा। छोटे दांत, छोटी जबड़े की संरचना, अपेक्षाकृत छोटा पाचन तंत्र और ग्लूकोज़ मेटाबॉलिज़्म से जुड़े आनुवंशिक बदलाव इस ओर संकेत करते हैं कि मानव शरीर लंबे समय तक कार्ब्स वाले भोजन के अनुकूल भी विकसित हुआ।

Updated on:
18 Aug 2026 04:21 am
Published on:
18 Aug 2026 04:21 am