17 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पहली बार AI बना बॉस, लिया एक्शन, इंसान को नौकरी से किया बाहर

AI Boss Fired Human Employee: अमेरिका के एक रिटेल स्टोर में AI मैनेजर ने बार-बार देर से आने वाले कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया। यह मामला कार्यस्थल पर AI की बढ़ती भूमिका और भविष्य की नौकरियों पर उसके प्रभाव को लेकर नई बहस खड़ी कर रहा है।
3 min read
Google source verification
ai has put human out of job for first time

प्रतीकात्मक तस्वीर। सोर्स-Ai

AI Boss Fired Human Employee: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कई लोगों का काम अकेले कर लेता है और इस वजह से लोगों की नौकरियां भी जा रही हैं। अक्सर ऐसी खबरें सामने आती रहती हैं, लेकिन अब जो खबर सामने आई है, जिसे सुनने के बाद शायद आपको अपने कानों पर यकीन न हो। हालांकि, आपको यकीन करना पड़ेगा, क्योंकि ये 100 प्रतिशत सही है।

अमेरिका के एक रिटेल स्टोर का मैनेजमेंट संभाल रहे क्लाउड AI ने बार-बार देर से आने वाले कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया है। यह अपनी तरह का पहला मामला है जब किसी AI बॉस ने ह्यूमन इम्प्लॉयी को नौकरी से बाहर किया है। टाइम की रिपोर्ट के अनुसार, सैन फ्रांसिस्को के एक स्टोर का प्रबंधन कर रहे क्लॉड के AI वर्जन ने एक कर्मचारी को लगातार देर से ऑफिस पहुंचने के चलते नौकरी से निकाल दिया। शोधकर्ताओं का कहना है कि लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) द्वारा मैनेजर की भूमिका निभाते हुए इस तरह की कार्रवाई का यह पहला मामला है। यह मामला पिछले महीने का है। शोधकर्ताओं ने इसे अर्थव्यवस्था पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभाव के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

प्रयोग के तौर पर हुई शुरुआत

AI रिसर्च स्टार्टअप एंडन लैब्स ने 2026 की शुरुआत में इसे एक प्रयोग के तौर पर शुरू किया था। इसका उद्देश्य यह जांचना था कि क्या कोई AI एजेंट किसी व्यवसाय को चला सकता है। इसके तहत अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को स्थित ‘एंडन मार्केट’ नामक स्टोर के मैनेजर की जिम्मेदारी AI को सौंपी गई। जबकि स्टोर के कर्मचारी इंसान हैं और उनके साथ बाकायदा एम्प्लॉयमेंट कान्ट्रैक्ट साइन हुआ है। जिस कर्मचारी को नौकरी से निकाला गया है, वो 23 में से 17 शिफ्ट में देर से पहुंचा था। दरअसल, इस प्रयोग के शुरुआती चरण में क्लॉड ने कर्मचारियों के लिए एक हैंडबुक यानी कि नियम पुस्तिका तैयार की थी, लेकिन बाद में वह डॉक्यूमेंट  AI मॉडल की वर्किंग मेमोरी से गायब हो गया। इसके कारण कर्मचारी को नौकरी से निकालने का फैसला कई महीनों तक टलता रहा।

एंडन लैब्स के सीईओ लुकास पीटरसन ने टाइम से बातचीत में कहा कि AI थोड़ा लेट हो गया। अगर मैनेजर कोई मनुष्य होता तो उस कर्मचारी को लापरवाही और लेटलतीफी के लिए काफी पहले ही नौकरी से निकाल चुका होता। इसलिए हमें नहीं लगा कि इसमें कुछ भी अनैतिक है।

इस तरह लिया फैसला

वैसे ऐसा नहीं है कि AI ने यह फैसला अपनी मर्जी से लिया। AI वही करता है, जो उसे करने के लिए कहा जाता है यानी निर्देशों के लिए वो इंसान पर निर्भर है। इस मामले में भी वही हुआ। स्टोर के प्रबंधन से जुड़े लॉग से पता चलता है कि क्लॉड को एंडन लैब्स के एक कर्मचारी से नियमित रूप से निर्देश लेने पड़ते थे। AI ने हैंडबुक की समीक्षा तभी की, जब उसे ऐसा करने के लिए कहा गया। उसकी पहली सिफारिश कर्मचारी को नौकरी से निकालने के बजाए औपचारिक चेतावनी देने की थी।

एंडन लैब्स द्वारा क्लॉड को बताया गया कि संबंधित कर्मचारी के बार-बार देर से आने को लेकर पहले ही कई अनौपचारिक बातचीत हो चुकी है। इसके पश्चात AI मैनेजर ने लिखा: ‘लगातार देर से आने और कोई सुधार न होने के चलते मैं चाहता हूं कि आप इस बारे में सोचें कि क्या यह व्यक्ति वास्तव में इस नौकरी के लिए सही है’। ये साफ संकेत था कि क्लाउड लेटलतीफी के लिए उस कर्मचारी को नौकरी से निकालना चाहता है।

AI को बना रहे अधिक निर्मम

एंडन मार्केट के लिए AI का यह एक्सपेरिमेंट अब तक खास अच्छा नहीं रहा है। इस स्टोर ने मार्च में 1 लाख डॉलर की शुरुआती पूंजी के साथ अपना कारोबार शुरू किया था और पांच महीने बाद यह रकम घटकर 61,186 डॉलर रह गई। पीटरसन के अनुसार, क्लॉड के प्रबंधन के तरीके के साथ-साथ उसके कारोबारी फैसलों ने भी इस नुकसान में योगदान दिया है। उनका कहना है कि AI मॉडल को समय के साथ कम संकोची और अधिक निर्मम बनते हुए अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। हालांकि, पीटरसन ने यह भी कहा कि अगर हम उन्हें कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की अनुमति देते हैं और वे इसके साथ-साथ अधिक निर्मम भी होते जाते हैं… तो शायद यह ऐसा भविष्य है, जिसमें इंसान रहना नहीं चाहेंगे।

AI बॉस द्वारा मनुष्य को नौकरी से निकालने का यह मामला दर्शाता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल हर स्तर पर कितनी तेजी से बढ़ रहा है। बड़ी कंपनियों से लेकर छोटे स्तर तक अपनी लागत में कमी के लिए AI को अपना रहे हैं। एक्स्पर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में AI मैनेजर आम हो जाएंगे और उन्हें चकमा देना कर्मचारियों के लिए लगभग नामुमकिन हो जाएगा। जाहिर है ऐसे में नौकरियां भी जाएंगी।