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लंदन में टेम्स नदी के किनारे गूंजे मंत्र: पहली बार हुई भव्य गंगा आरती, हजारों लोगों ने दीप जलाकर जताया आभार

Ganga Aarti on Thames: लंदन में टेम्स नदी के किनारे पहली बार भव्य गंगा आरती हुई। हजारों लोग शामिल हुए और दीप जलाकर नदी, प्रकृति और जीवन के प्रति आभार जताया।
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Updated: 14 Sep 2026, 8:15 AM IST
Ganga Aarti London
पहली बार लंदन में हुई भव्य गंगा आरती (प्रतीकात्मक फोटो - एआई जनरेटेड)

Ganga Aarti London: ब्रिटेन की राजधानी लंदन में रविवार को टेम्स नदी के किनारे पहली बार गंगा आरती का आयोजन हुआ। इस दौरान हजारों लोग मौजूद रहे। मंत्रोच्चार और दीपों की रोशनी के बीच प्रकृति और जीवन को बनाए रखने वाले स्रोतों के प्रति आभार जताया गया।

‘गंगा आरती ऑन द टेम्स: ए सेरेमनी ऑफ लाइट’ नाम से हुए इस कार्यक्रम में भारत में गंगा के किनारे होने वाली प्रसिद्ध आरती की परंपरा को लंदन में पेश किया गया। दीप जलाने और मंत्रोच्चार के जरिए नदी के प्रति सम्मान की भावना व्यक्त की गई। इस पहल को प्रकृति, ज्ञान और चेतना के जीवनदायी प्रवाह के प्रतीक के तौर पर देखा गया। इसका मकसद भारतीय आध्यात्मिक परंपरा को लंदन के लोगों के सामने एक अलग रूप में पेश करना भी था।

75 साल पूरे होने के मौके पर हुआ आयोजन

यह कार्यक्रम चिन्मय मिशन यूके (Chinmaya Mission UK) ने वार्षिक ‘Totally Thames’ फेस्टिवल के साथ मिलकर किया। यह संस्था के 75 साल पूरे होने के मौके पर दुनियाभर में हो रहे समारोहों का हिस्सा था। आयोजकों ने भारत की पारंपरिक आरती को टेम्स के किनारे आयोजित करने के पीछे प्रकृति के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना को प्रमुख बताया।

हजारों लोगों ने लिया हिस्सा

टेम्स के किनारे बड़ी संख्या में लोग जुटे। दीपों की रोशनी और मंत्रोच्चार के बीच हुई इस प्रस्तुति ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींचा। इस दौरान नदियों के महत्व और उन्हें जीवन से जोड़कर देखने की भारतीय परंपरा की झलक भी देखने को मिली। आयोजन के जरिए लोगों को प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और सम्मान का संदेश दिया गया।

पीढ़ियों से गंगा के किनारे जुटते रहे हैं लोग

चिन्मय मिशन यूके की रेजिडेंट टीचर ब्रह्मचारिणी श्रीप्रिया चैतन्य ने कहा कि पीढ़ियों से समुदाय गंगा के किनारे इकट्ठा होकर नदी, प्रकृति और जीवन को बनाए रखने वाली चीजों के प्रति आभार जताते रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी भावना को टेम्स के किनारे सामने लाने की कोशिश की गई। उनके मुताबिक, यह पहल प्रकृति और जीवन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम बनी।

भारतीय संस्कृति की वैश्विक झलक

गंगा भारत की आस्था और संस्कृति से गहराई से जुड़ी है। वहीं टेम्स लंदन के इतिहास और जनजीवन का अहम हिस्सा है। ऐसे में दोनों नदियों के किनारे जुड़ी सांस्कृतिक भावनाओं को एक मंच पर लाने की यह पहल खास रही। इस कार्यक्रम के जरिए भारतीय आध्यात्मिक विरासत की झलक ब्रिटेन में देखने को मिली। साथ ही नदियों, प्रकृति और जीवन के बीच संबंध को लेकर भारतीय सोच को भी सामने रखा गया।

Updated on:
14 Sep 2026, 8:15 AM IST
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