
पंजाब से जुड़े जग्गू भगवनपुरिया संगठित अपराध समूह के कथित सहयोगी नितिश कौशल को अमेरिका की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने वर्मोंट से गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब अमेरिका भारतीय मूल से जुड़े अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ लगातार अभियान चला रहा है। नितिश को गुरुवार को ही अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (FBI) की वांटेड सूची में शामिल किया गया था और इसके एक ही दिन के अंदर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों के अनुसार मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया अब अमेरिकी अदालत में चलेगी।
अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (FBI) के अनुसार नितिश कौशल पर रैकेटियर इन्फ्लुएंस्ड एंड करप्ट ऑर्गेनाइजेशंस कॉन्सपिरेसी (RICO) के तहत मामला दर्ज किया गया है। अमेरिका के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया की जिला अदालत ने 25 जून को उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। एफबीआई का कहना है कि कौशल पर हत्या, अपहरण, मादक पदार्थों की तस्करी, जबरन वसूली, हथियारों की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी जैसे अपराधों में संलिप्त अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठन के लिए काम करने का आरोप है। एजेंसी के अनुसार उसने भगवनपुरिया समूह की ओर से अपहरण और हिंसक हमलों जैसी गतिविधियों में भी कथित भूमिका निभाई।
अमेरिकी अधिकारियों ने कुल 34 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए हैं, जिनका संबंध बिश्नोई, भगवनपुरिया और धांधा संगठित अपराध समूहों से बताया गया है। इनमें से 11 आरोपी या तो फरार थे या अमेरिकी एजेंसियों की हिरासत में नहीं थे, जिनमें नितिश कौशल भी शामिल था। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार इन आरोपियों को दोषी पाए जाने पर कम से कम 10 वर्ष की संघीय जेल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। ऑपरेशन हार्ड बॉल के जरिए अमेरिका इन अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क पर व्यापक कार्रवाई कर रहा है।
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार जग्गू भगवनपुरिया के नेतृत्व में पंजाब में शुरू हुआ यह गिरोह अब दुनिया के कई देशों में सक्रिय बताया जाता है। जग्गू भगवनपुरिया फिलहाल भारत में जेल में बंद है और कभी लॉरेंस बिश्नोई का सहयोगी रहा था, लेकिन बाद में दोनों प्रतिद्वंद्वी बन गए। अमेरिकी एजेंसियों का दावा है कि इस नेटवर्क के एक हजार से अधिक सदस्य और सहयोगी हैं, जिनमें सौ से अधिक अमेरिका में मौजूद हैं। जांच एजेंसियों ने यह भी आरोप लगाया है कि गिरोह भारत में कुछ भ्रष्ट कानून प्रवर्तन अधिकारियों की मदद से जबरन वसूली करता था। इसी मामले में पंजाब पुलिस के अधिकारी गुरिंदरजीत सिंह पर लॉस एंजिलिस के एक परिवार से लगभग चार लाख डॉलर की उगाही की साजिश में सहयोग करने का आरोप लगाया गया है।