
बांग्लादेश (Bangladesh) की पूर्व पीएम शेख हसीना (Sheikh Hasina) पिछले साल 5 अगस्त को अपनी बहन शेख रेहाना (Sheikh Rehana) के साथ देश छोड़कर भाग गई थीं। देश की अपदस्थ पीएम शेख हसीना अपनी बहन के साथ बांग्लादेश से भारत (India) आई थीं और तभी से भारत सरकार की शरण में ही रह रही हैं। शेख हसीना के बांग्लादेश छोड़कर जाने के बाद देश में तख्तापलट हो गया और मुहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) के नेतृत्व में बांग्लादेश में अंतरिम सरकार बनी। हालांकि यूनुस के शासन में बांग्लादेश में स्थिति बिगड़ती जा रही है। यूनुस सरकार के आने के बाद से देश में बेरोजगारी (Unemployment) बढ़ती जा रही है।
शेख हसीना के जाने के बाद से बांग्लादेश में कपड़ों के बिज़नेस पर बुरी मार पड़ी है। देश के गारमेंट सेक्टर का इस समय बुरा हाल है। रिपोर्ट के अनुसार पिछले 7 महीने में बांग्लादेश में कपड़े की 140 फैक्ट्रियाँ बंद हो गई हैं।
बांग्लादेश में कपड़े की जो फैक्ट्रियाँ बंद हो रही हैं, उनमे से ज़्यादातर शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के नेताओं की थीं। देश में बढ़ रही राजनीतिक अस्थिरत्ता और मुश्किल आर्थिक हालातों के चलते ये लोग अपनी फैक्ट्रियाँ बंद करके बांग्लादेश छोड़कर दूसरे देशों का रुख रहे हैं।
बांग्लादेश में कपड़े की 140 फैक्ट्रियाँ बंद होने की वजह से 1 लाख से ज़्यादा लोग बेरोजगार हो गए हैं। इनमें ज़्यादातर महिलाएं हैं, क्योंकि बांग्लादेश के गारमेंट सेक्टर में काम करने वाले लोगों में महिलाओं की संख्या ज़्यादा है।
बांग्लादेश में गारमेंट सेक्टर पर छाए इस संकट से यूनुस सरकार पर दबाव बढ़ रहा है। सरकार पर इस स्थिति में सुधार करने का दबाव बना हुआ है, लेकिन इसके बावजूद कोई सुधार नहीं हो रहा है।
कपड़े की फैक्ट्रियों के बंद होने और देश में गारमेंट सेक्टर को लगे इस झटके के चलते बांग्लादेश में मंदी का संकट पैदा हो गया है। बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था में गारमेंट सेक्टर की अहम भूमिका है और अब जब गारमेंट सेक्टर पर ही मार पड़ रही है, तो देश में मंदी आने की भी आशंका जताई जा रही है।
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