Trending: आमतौर पर किसी शुभ काम से पहले भारतीय नारियल तोड़ते हैं और बुरी नजर से बचने के लिए नींबू-मिर्च लगाते हैं। ऐसा ही काम भारत में जर्मनी के एंबेसडर ने किया है।
Trending: भारतीय संस्कृति और परंपराएं कितनी समृद्ध और व्यापक है इसका उदाहरण एक बार फिर देखने को मिला। दरअसल भारत में जर्मन राजदूत फिलिप एकरमैन (German envoy Philipp Ackermann) ने अपनी नई इलेक्ट्रिक कार को चलाने से पहले भारतीय परंपरा के मुताबिक नारियल (Coconut) फोड़ा। सिर्फ यही नहीं उन्होंने आम भारतीयों की तरह बुरी नजर से बचाने के टोटके नींबू-मिर्च को भी अपनी कार में लटकाया। भारतीय परंपरा के मुताबिक माना जाता है कि ये अनुष्ठान नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है।
जर्मन एंबेसडर एकरमैन ने कहा कि सर्दियों के दौरान दिल्ली में प्रदूषण बढ़ जाता है इसलिए उन्होंने इलेक्ट्रिक कार को अपनाया है। सर्दियों के समय में, प्रदूषण बहुत खराब हो जाता है और मुझे लगा कि हमें प्रदूषण को कम करने में योगदान देना चाहिए। मैं एक ईवी लेना चाहता था और इसीलिए मेरे मुख्यालय ने कुछ समय बाद स्वीकार कर लिया कि हमें एक नई कार मिलेगी जो एक ई-कार है और इसलिए प्रदूषण कम करती है। यही मुख्य उद्देश्य था।"
उन्होंने कहा कि जर्मनी और भारत आपसी साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिसे सतत विकास के लिए साझेदारी समझौता कहा जाता है। इससे पहले 12 अक्टूबर को, एकरमैन ने दिल्ली में फेडरेशन ऑफ यूरोपियन बिजनेस इन इंडिया (FEBI) के शुभारंभ पर अपनी खुशी व्यक्त की और कहा कि संगठन भारत और यूरोप के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) वार्ता को आगे बढ़ाएगा।