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जिस सरोगेसी का किया विरोध उसी के सहारे पिता बने जर्मनी के नेता, देना पड़ा इस्तीफा

Jens Spahn Resignation: जर्मनी के नेता जेन्स स्पैन को सरोगेसी से पिता बनने की वजह से अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। क्या है पूरा मामला? आइए नज़र डालते हैं।
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Jul 23, 2026
Jens Spahn
जेन्स स्पैन (File Photo)

जर्मनी (Germany) में सरोगेसी के मुद्दे पर सार्वजनिक रुख और निजी फैसले के विरोधाभास ने सत्तारूढ़ क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (सीडीयू) के वरिष्ठ नेता और चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ (Friedrich Merz) के करीबी सहयोगी जेन्स स्पैन (Jens Spahn) को संसदीय दल के नेता पद से इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया। समलैंगिक नेता स्पैन और उनके पति डैनियल फुंके (Daniel Funke) हाल ही में अमेरिका (United States of America) में सरोगेसी के ज़रिए पिता बने हैं। लेकिन विवाद इसलिए खड़ा हुआ क्योंकि स्पैन वर्षों से सरोगेसी के विरोधी रहे हैं। 2015 में उन्होंने 'किराए की कोख' की अवधारणा पर असहजता जताई थी और 2020 में स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए जर्मनी में सरोगेसी पर प्रतिबंध हटाने से इनकार कर दिया था।

दबाव के चलते देना पड़ा इस्तीफा

इसी साल फरवरी में सीडीयू ने भी सरोगेसी पर प्रतिबंध बनाए रखने का प्रस्ताव दोहराया था, जिसमें स्पैन भी शामिल थे। हालांकि फिर सरोगेसी से बच्चे के जन्म की घोषणा के बाद उनकी अपनी पार्टी और विपक्ष ने उन पर दोहरे मानदंड अपनाने तथा राजनीतिक विश्वसनीयता खोने के आरोप लगाए। बढ़ते दबाव के बीच स्पैन ने कहा कि परिवार शुरू करने से मिली उनकी निजी खुशी अब उनके राजनीतिक पद के साथ संगत नहीं रह गई है और उन्होंने इस्तीफा दे दिया। चांसलर मर्ज़ ने भी उनके इस्तीफे को 'सही और अपरिहार्य' बताते हुए कहा कि राजनीति में विश्वसनीयता सबसे मूल्यवान पूंजी होती है।

क्या कहता है कानून?

जर्मनी के 1990 एम्ब्रियो प्रोटेक्शन एक्ट के तहत सरोगेसी प्रतिबंधित है। कानून के उल्लंघन पर अधिकतम तीन वर्ष की कैद या जुर्माने का प्रावधान है। हालांकि प्रतिबंध मुख्य रूप से सरोगेसी की व्यवस्था कराने वाले डॉक्टरों और बिचौलियों पर लागू होता है। विदेश में सरोगेसी से जन्मे बच्चे का पालन-पोषण जर्मनी में अपराध नहीं है। इसी कारण कई जर्मन कपल्स अमेरिका समेत उन देशों का रुख करते हैं, जहाँ सरोगेसी को कानूनी मान्यता दी गई है।

क्या बना आलोचना का आधार?

विवाद बच्चे के जन्म को लेकर नहीं, बल्कि स्पैन के सार्वजनिक रुख और निजी फैसले के बीच विरोधाभास को लेकर खड़ा हुआ। उनकी अपनी पार्टी के नेताओं ने कहा कि जो नेता दूसरों के लिए नियम तय करते हैं, उन्हें स्वयं भी उन्हीं मानकों पर खरा उतरना चाहिए। ग्रीन पार्टी ने भी सवाल उठाया कि जो राजनेता किसी कानून का समर्थन करते हैं, उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि वही नियम उनके निजी जीवन में क्यों लागू नहीं हुए।



Updated on:
23 Jul 2026 03:06 am
Published on:
23 Jul 2026 03:06 am