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आईआरजीसी ने एक ही दिन में होर्मुज स्ट्रेट के पास मार गिराया तीसरा अमेरिकी MQ-1 ड्रोन

Iran-US Conflict: ईरान ने एक ही दिन में अमेरिकी सेना के तीसरे MQ-1 ड्रोन को मार गिराया है। ऐसा करते हुए आईआरजीसी ने अमेरिकी सेना को झटका दे दिया है।
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भारत

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Tanay Mishra

Sep 15, 2026

Iran missile strike

ईरान का मिसाइल अटैक (Photo - @Sepah_Media)

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच चल रही जंग में ईरानी सेना ने अमेरिकी सेना को एक और झटका दिया है। ईरान की आईआरजीसी - इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC - Islamic Revolutionary Guard Corps) ने अमेरिकी सेना के एक और MQ-1 ड्रोन को मार गिराया है। आज के दिन में यह तीसरा MQ-1 ड्रोन है जिसे आईआरजीसी ने मार गिराया है। इसे होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के पास मार गिराया गया। पिछले दो MQ-1 ड्रोन्स को भी होर्मुज स्ट्रेट के पास ही मार गिराया गया था।

कैसे मार गिराया अमेरिकी ड्रोन?

जानकारी के अनुसार इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को मार गिराने के लिए एयरोस्पेस एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल किया है। ईरान के इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस नेटवर्क के तहत काम करने वाला यह नया एयरोस्पेस एयर डिफेंस सिस्टम निशाने पर सटीक वार करता है।

2018 में ही कर दिया गया था सेवानिवृत्त

अमेरिकी सेना ने 2018 में ही MQ-1 ड्रोन को सेवानिवृत्त कर दिया था। हालांकि ईरान समेत कुछ देशों में अपनी सैन्य कार्रवाई के लिए अमेरिका अभी भी इस ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हाल के दिनों में होर्मुज स्ट्रेट और उसके आस-पास के इलाकों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा मार गिराए गए अमेरिका निर्मित MQ-1 ड्रोन की कुल संख्या अब 5 हो गई है।

कितनी है इस ड्रोन की कीमत?

यूं तो अमेरिकी सेना द्वारा MQ-1 ड्रोन को सेवानिवृत्त किया जा चुका है, लेकिन सेवानिवृत्त किए जाने से पहले इस एक ड्रोन की लागत करीब 4-5 मिलियन अमेरिकी डॉलर थी। पूरे सिस्टम की लागत लगभग 20 मिलियन डॉलर थी। इसमें चार एयरक्राफ्ट्स, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और सैटेलाइट लिंक शामिल हैं।

किस काम के लिए किया जाता है इस्तेमाल?

MQ-1 ड्रोन का मुख्य रूप से खुफिया, निगरानी, टोही और हल्के हमले के लिए इस्तेमाल किया जाता है और इसी वजह से ईरान में इसका अभी भी इस्तेमाल किया जा रहा है। यह एक मध्यम ऊंचाई वाला मानव रहित UAV है।

पुराना लेकिन फिर भी उपयोगी

यह ड्रोन पुराना होने के बावजूद उपयोगी है। इस ड्रोन में रोटैक्स 914F इंजन का इस्तेमाल होता है। इसमें 115 हॉर्सपावर है और पुशर प्रोपेलर पाया जाता है। इसकी लंबाई करीब 8.22 मीटर है पंखों का फैलाव 14.8 से 16.84 मीटर तक होता है। इसका खाली वजन: लगभग 512 किलोग्राम है और अधिकतम टेकऑफ वजन करीब 1,020 किलोग्राम है। इस ड्रोन की अधिकतम गति 217 किलोमीटर/घंटा और क्रूज़ गति लगभग 130-135 किलोमीटर/घंटा है। इसकी रेंज करीब 1,100-1,250 किलोमीटर है। इसमें दो AGM-114 हेलफायर मिसाइलें लोड की जा सकती हैं। इस ड्रोन में इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल/इन्फ्रारेड कैमरे, लेज़र डिज़ाइनर और मल्टी-स्पेक्ट्रल टारगेटिंग सिस्टम भी पाए जाते हैं। यह रिमोट कंट्रोल से संचालित होता है और लंबे समय तक लक्ष्य पर नज़र रख सकता है।