15 सितंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पीएम नरेंद्र मोदी की विदेश नीति के फैन हुए जम्मू-कश्मीर सीएम उमर अब्दुल्ला, ब्रिक्स समिट में पहलगाम हमले की निंदा को बताया कूटनीतिक जीत

BRICS Summit 2026: जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने ब्रिक्स समिट में पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा पहलगाम आतंकी हमले की निंदा करने की तारीफ की है।
2 min read
Google source verification

भारत

image

Tanay Mishra

Sep 15, 2026

PM Narendra Modi and CM Omar Abdullah

पीएम नरेंद्र मोदी और जम्मू-कश्मीर सीएम उमर अब्दुल्ला (Photo - ANI)

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के सीएम उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की विदेश नीति के फैन हो गए हैं। उन्होंने हाल ही में दिल्ली में हुए ब्रिक्स समिट (BRICS Summit) की जमकर तारीफ की। इस शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान (Pakistan) समर्थित पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terrorist Attack) की निंदा करने वाला ब्रिक्स घोषणापत्र भी जारी किया गया और इसकी भी उन्होंने तारीफ की।

बताया कूटनीतिक जीत

अब्दुल्ला ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा करने वाले ब्रिक्स घोषणापत्र को भारत की कूटनीतिक जीत बताया। अब्दुल्ला ने इस बारे में बात करते हुए कहा, "यह बात बहुत अहम है कि पहलगाम आतंकी हमले का नाम लेकर उसकी निंदा की गई। ज़रा देखिए कि उस कमरे में पाकिस्तान के कितने सहयोगी मौजूद थे। इसलिए पहलगाम का नाम लिया जाना ही हमारी विदेश नीति की एक बड़ी कामयाबी है।"

चीन-ईरान की मौजूदगी में घोषणापत्र जारी करना बड़ी बात

पाकिस्तान के सहयोगियों से अब्दुल्ला का इशारा चीन (China) और ईरान (Iran) जैसे देशों की ओर था, जो पाकिस्तान के सहयोगी हैं। पहलगाम आतंकी हमले के बाद चीन ने इसकी निंदा नहीं की थी। हालांकि ईरान ने इसकी कड़े शब्दों में निंदा की थी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान (Masoud Pezeshkian) ने पीएम मोदी को फोन लगाकर उनसे बात भी की थी और साफ किया था कि आतंक की ऐसी हरकतों का कोई औचित्य नहीं है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत और ईरान के बीच अच्छे संबंध हैं।

एलएसी और एलओसी पर भी दिया बयान

अब्दुल्ला ने उत्तरी मोर्चे पर ऑपरेशनल स्थिति के बारे में रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल - एलएसी (LAC) या लाइन ऑफ कंट्रोल - एलओसी (LoC) पर सैनिकों की तैनाती कम करने का कोई भी कदम एक सकारात्मक विकास होगा, खासकर सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए। उन्होंने आगे कहा, "कोई भी चीज़ जो लाइन ऑफ कंट्रोल या लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर तनाव कम करती है, वो एक अच्छा कदम है, खासकर उन लोगों के लिए जो इसके करीब रहते हैं। हम जानते हैं कि LoC या LAC के पास रहना लोगों के लिए बहुत मुश्किल होता है। अगर कोई ऐसा कदम उठाया जाता है जिससे लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर सैनिकों तैनाती कम हो, तो वो एक अच्छा कदम है। इसी तरह हमें उम्मीद है कि समय के साथ लाइन ऑफ कंट्रोल पर भी हालात बेहतर होंगे।"

बड़ी खबरें

View All

राष्ट्रीय

ट्रेंडिंग