विदेश

इंसानों को 150 साल की उम्र देंगे अंगूर के बीज! चीन का दावा

चीन में वैज्ञानिकों ने अंगूर के बीज के विषय में बड़ा दावा किया है। क्या है यह दावा? आइए नज़र डालते हैं।

less than 1 minute read
Mar 13, 2026
Grape seeds

अब वैज्ञानिक बुढ़ापे को एक 'अपरिहार्य जैविक प्रक्रिया' के बजाय एक 'चिकित्सीय स्थिति' के रूप में देख रहे हैं, जिसका इलाज संभव है। आधुनिक टूल्स की मदद से अब आणविक स्तर पर बुढ़ापे को समझना आसान हो गया है। दुनियाभर की कंपनियाँ और रिसर्च ग्रुप ऐसी थेरेपी ढूंढ रहे हैं जो उम्र बढ़ने से जुड़ी सूजन, सेलुलर डैमेज और मेटाबोलिक बदलावों को टारगेट करती हैं। इस बीच चीन के स्टार्टअप लोनवी बायोसाइंसेज़ ने अंगूर के बीज से एक ऐसा यौगिक तैयार करने का दावा किया है जो 'ज़ॉम्बी सेल्स' को खत्म करते हुए बुढ़ापे की प्रक्रिया को धीमा कर सकता है और इंसान 150 साल तक जिंदा रह सकता है। शुरुआती लैब स्टडीज़ में जानवरों पर इसके अच्छे नतीजे दिखे हैं।

क्या हैं 'ज़ॉम्बी सेल्स'?

वैज्ञानिक भाषा में 'ज़ॉम्बी सेल्स' को सेनेसेंट कोशिकाएं कहा जाता है। ये ऐसी कोशिकाएं होती हैं जो क्षतिग्रस्त या पुरानी हो जाने के बाद विभाजित होना बंद कर देती हैं, लेकिन मरती भी नहीं हैं। ये शरीर में बनी रहती हैं और हानिकारक रसायनों का स्राव करती हैं, जिससे आसपास की स्वस्थ कोशिकाओं में सूजन पैदा होती है। समय के साथ इनका जमाव हृदय रोग, गठिया और अल्ज़ाइमर जैसी बीमारियों का मुख्य कारण बनता है।

कैसे काम करती है दवा?

लोनवी बायोसाइंसेज़ के अनुसार, उनकी दवा 'सेनोलाइटिक्स' श्रेणी में आती है। यह दवा चुनिंदा तरीके से केवल 'ज़ॉम्बी सेल्स' को पहचान कर उन्हें नष्ट करती है। इसमें अंगूर के बीज के अर्क से प्राप्त प्राकृतिक यौगिकों का उपयोग किया गया है। जब शरीर से ये हानिकारक कोशिकाएं हट जाती हैं, तो ऊतकों का स्वास्थ्य सुधरता है और उम्र से संबंधित गिरावट धीमी हो जाती है।

Also Read
View All

अगली खबर