
Trump Greenland Policy News: अमेरिका और डेनमार्क के बीच ग्रीनलैंड को लेकर एक बहुत बड़ी डील हो गई है। इस डील के बाद अब अमेरिका ग्रीनलैंड में अपने दो नए बहुत बड़े सैन्य ठिकाने (मिलिट्री बेस) बनाएगा। डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर घोषणा करते हुए कहा कि अमेरिका ने विरोधियों की सैन्य मौजूदगी और निवेश पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही अमेरिका ने ग्रीनलैंड में दो बड़े सैन्य ठिकाने बनाने और बड़े पैमाने पर अपनी सेना तैनात करने की घोषणा भी की है।
डोनाल्ड ट्रंप ने डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन और ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स फ्रेडरिक नीलसन की मौजूदगी में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। ट्रंप ने इसे आर्कटिक क्षेत्र में अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया है। डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने कहा कि दोनों देश ग्रीनलैंड की रक्षा को लेकर बड़ा समझौता कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह समझौता लंबे समय तक चल सकता है। उनके मुताबिक, यह अमेरिका, ग्रीनलैंड, डेनमार्क, नाटो और यूरोप के लिए अच्छा है।
ट्रंप के अनुसार, यह एक ऐतिहासिक समझौता है, जिसका असर आने वाले दशकों तक रह सकता है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ग्रीनलैंड में दो विशेष जगहों पर बड़े पैमाने पर सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी तुरंत शुरू करेगा। ट्रंप के मुताबिक, इसका मकसद ग्रीनलैंड में अमेरिकी सुरक्षा को मजबूत करना है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अब अमेरिका के किसी भी विरोधी को ग्रीनलैंड में सैन्य मौजूदगी स्थापित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा ग्रीनलैंड में निवेश भी अमेरिका की लिखित मंजूरी के बिना नहीं किया जा सकेगा। समझौते के मुताबिक, ग्रीनलैंड में अमेरिकी सुरक्षा हितों को मजबूत किया जाएगा।
फ्रेडरिक्सन ने ट्रंप की इस बात का समर्थ भी किया कि इस समझौते के बाद विरोधियों को ग्रीनलैंड के करीब नहीं आने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस समझौते के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी विरोधी देश को ग्रीनलैंड पर नियंत्रण हासिल करने की अनुमति नहीं मिलेगी।
ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड को लेकर कई दशकों से चर्चा होती रही है। उन्होंने कहा कि लगभग हर राष्ट्रपति ने कभी न कभी इसका जिक्र किया, लेकिन ज्यादातर ने सिर्फ बात की। कुछ राष्ट्रपति वास्तव में समझौता करना चाहते थे, लेकिन वह हो नहीं सका। ट्रंप ने कहा कि अब उनकी सरकार इसे पूरा कर रही है।