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पांच साल में खाड़ी देशों से निकाले गए लाखों पाकिस्तानी, सामने आई वजह

Gulf Pakistani Deportation: आखिर क्या वजह है कि पिछले पांच सालों में 1 लाख 64 हजार से ज्यादा पाकिस्तानी नागरिकों को अलग-अलग खाड़ी देशों से डिपोर्ट कर वापस भेज दिया गया…? आइए जानते हैं।
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May 20, 2026
Middle East Pakistani Deportation
पांच साल में खाड़ी देशों से डिपोर्ट किए गए लाखों पाकिस्तानी (AI जनरेटेड इमेज)

Middle East Pakistani Deportation: रोजगार और बेहतर कमाई की उम्मीद में लाखों पाकिस्तानी नागरिक हर साल खाड़ी देशों का रुख करते हैं। सऊदी अरब, UAE, कतर और ओमान जैसे देशों को लंबे समय से पाकिस्तानियों के लिए रोजगार का बड़ा केंद्र माना जाता रहा है। लेकिन अब सामने आए आंकड़ों ने एक चौंकाने वाली तस्वीर पेश की है। पिछले पांच सालों में 1 लाख 64 हजार से ज्यादा पाकिस्तानी नागरिकों को अलग-अलग खाड़ी देशों से डिपोर्ट कर वापस भेज दिया गया।

पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में पेश सरकारी डेटा के मुताबिक, सबसे ज्यादा डिपोर्टेशन सऊदी अरब से हुए, जहां से 1 लाख 8 हजार से अधिक लोगों को वापस भेजा गया। इसके बाद UAE (40,497), ओमान (9,814), कतर (2,971) और बहरीन (2,779) का नाम आता है।

‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ रिपोर्ट्स के अनुसार, इन लोगों पर वीजा नियम तोड़ने, अवैध तरीके से रहने, कामकाजी कानूनों का उल्लंघन करने और दूसरे कानूनी मामलों में फंसने जैसे आरोप लगे थे। यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान पहले ही आर्थिक संकट, बेरोजगारी से जूझ रहा है।

इस कारण पाकिस्तानियों को वीजा देना बंद

पाकिस्तान के डिफेंस मिनिस्टर ख्वाजा आसिफ ने फरवरी में बड़ा बयान देते हुए माना था कि खाड़ी देशों ने कई पाकिस्तानियों को वीजा देना बंद कर दिया है। उनके मुताबिक इसकी बड़ी वजह संगठित भिखारी गिरोह हैं, जो लोगों को भीख मांगने के लिए विदेश भेजते हैं।

आसिफ ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें दिखाया गया कि पाकिस्तान में कुछ लोग भीख मांगकर अच्छी कमाई कर रहे हैं। वीडियो में एक बच्चा बताता है कि वह और उसके तीन भाई मिलकर रोज करीब 12,000 पाकिस्तानी रुपये तक कमा लेते हैं। बच्चे ने यह भी कहा कि उसके परिवार ने भीख मांगकर फैसलाबाद में घर खरीदा है।

वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए ख्वाजा आसिफ ने कहा कि भीख मांगना अब एक संगठित कारोबार बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ माफिया गिरोह बच्चों, महिलाओं और नकली विकलांग लोगों को भर्ती करते हैं और उनसे भीख मंगवाकर करोड़ों रुपये कमाते हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि यही नेटवर्क हजारों लोगों को खाड़ी देशों में भेजता है, जिससे वहां पाकिस्तान की छवि खराब हुई है। आसिफ के अनुसार, इसी कारण कई खाड़ी देशों ने पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा पर सख्ती बढ़ा दी है।

खलीज टाइम्स की रिपोर्ट के हवाले से उन्होंने कहा कि इस रैकेट में कुछ एयरपोर्ट कर्मचारी भी शामिल थे। साथ ही उन्होंने माना कि प्रशासन और पुलिस की मदद के बिना ऐसा नेटवर्क चलाना आसान नहीं है।

Updated on:
20 May 2026 09:06 pm
Published on:
20 May 2026 06:41 pm