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निज्जर हत्याकांड मामले में आरोपियों को नहीं मिली जमानत, कनाडाई अधिकारी ने किया साफ

Hardeep Singh Nijjar Murder Case: खालिस्तानी आतंकी निज्जर हत्याकांड में आरोपी चार भारतीयों को जमानत मिलने की जो रिपोर्ट सामने आई थी, अब उसे गलत बताया जा रहा है।

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Hardeep Singh Nijjar

खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर (Khalistani Terrorist Hardeep Singh Nijjar) की हत्या के मामले में गुरुवार को रिपोर्ट सामने आई कि कनाडा (Canada) की अदालत ने इस मामले में चारों आरोपियों को जमानत दे दी है। रिपोर्ट के अनुसार करण बरार (Karan Brar), करणप्रीत सिंह (Karanpreet Singh), कमलप्रीत सिंह (Kamalpreet Singh) और अमनदीप सिंह (Amandeep Singh) नाम के चार भारतीय युवक, जिन पर फर्स्ट डिग्री मर्डर के साथ ही मर्डर की साजिश का भी आरोप लगाया गया था, को जमानत देने की बात सामने आई थी। लेकिन अब इस रिपोर्ट को गलत बता दिया गया है।

आरोपियों को नहीं मिली जमानत

कनाडा के एक अधिकारी ने निज्जर हत्याकांड मामले में शामिल चारों आरोपियों को जमानत मिलने की रिपोर्ट को गलत बताया है। कनाडाई अधिकारी ने बताया कि करण, करणप्रीत, कमलप्रीत और अमनदीप अभी भी जेल में ही हैं और उन्हें जमानत नहीं दी गई है। चारों को पिछले साल मई में गिरफ्तार किया गया था।

क्या है मामला?

खालिस्तानी आतंकी निज्जर की 18 जून, 2023 को कनाडा के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले ने तब तूल पकड़ा, जब तत्कालीन कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) ने देश की संसद में खड़े होकर निज्जर की हत्या का आरोप भारत सरकार पर लगाया। ट्रूडो ने कहा कि भारत सरकार ने अपनी खुफिया एजेंसी के ज़रिए कनाडा में एक कनाडाई नागरिक की हत्या की। हालांकि भारत सरकार ने ट्रूडो के इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया। भारत सरकार ने ट्रूडो के इस आरोप को झूठा बताया। ट्रूडो ने कई मौकों पर कहा कि उनकी सरकार के पास इस बात के सबूत हैं कि निज्जर की हत्या के पीछे भारत सरकार का ही हाथ है। हालांकि ट्रूडो ने कभी भी सबूत पेश नहीं किए। इस मामले की वजह से ही भारत और कनाडा के संबंधों में दरार पड़ गई।

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