
Hindu Population: हिंदू धर्म विश्व का एक प्राचीन और समृद्ध धर्म है, जो भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक धारा का अभिन्न हिस्सा है। विश्वभर में हिंदू धर्म के अनुयायी लगभग 1.2 बिलियन (120 करोड़) के आसपास हैं, जिनमें अधिकांश भारत में निवास करते हैं। भारत में हिंदू धर्म सबसे प्रमुख धर्म है, और यह देश की जनसंख्या का लगभग 79-80 प्रतिशत भाग है। इसके अलावा, नेपाल, बांगलादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका सहित अन्य देशों में भी हिंदू समुदाय की महत्वपूर्ण उपस्थिति है। ऐसे में सामने आई एक रिसर्च में हिंदू आबादी को लेकर कुछ आंकड़ें सामने आए है जिससे आबादी का अनुमान मिलता है।
अमेरिकन रिर्सच पेपर प्यू की रिपोर्ट के मुताबिक अगले 25 सालों तक पूरी दुनिया में हिंदुओं की आबादी 0.3 फीसदी घट जाएगी। हालांकि, इस आंकड़े में पहले बढ़ोतरी देखने को मिल रही थी। जहां 2030 में आबादी 15.2 रहेगी, वो 2050 आते-आते 14.9 हो जाएगी। प्यू रिसर्च सेंटर की रिपोर्ट की मानें तो साल 2050 में पूरी दुनिया में हिंदुओं की आबादी सिर्फ 138 करोड़ रहने वाली है।
दुनिया में हिंदुओं की आबादी ज्यादा जनसंख्या के मामले में तीसरे नंबर पर है पहले और दूसरे नंबर पर ईसाई और मुस्लिम है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2050 तक अधिकांश प्रमुख धर्मों की आबादी बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन हिंदुओं की आबादी में गिरावट देखने को मिलेगी। 2050 तक ईसाई धर्म सबसे बड़ा धार्मिक समूह बना रहेगा, लेकिन अनुमान है कि 2070 तक इस्लाम इसे पीछे छोड़ देगा और दुनिया का प्रमुख धर्म बन जाएगा।
2010 में हिंदुओं की संख्या 1.03 बिलियन थी, जो 2050 तक 1.38 बिलियन हो जाएगी। हालांकि, इसमें अभी के मुकाबले 0.3 फीसदी की गिरावट देखने को मिलेगी। दुनिया के किसी भी हिस्से में जनसंख्या के लिए अच्छी बर्थ रेट होना काफी जरूरी है. यही वजह है कि कई धर्मों के आबादी में आने वाले सालों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
रिसर्च के मुताबिक इस्लाम धर्म को मानने वालों की जनसंख्या आने वाले 35 सालों में अभी के मुकाबले 70 फीसदी बढ़ जाएगी, जो बाकी धर्मों के मुकाबले काफी ज्यादा है। मुस्लिमों की जनसंख्या 2015 तक 180 करोड़ थी, जो अब 200 के पार पहुंच गई है।
इस्लाम के बाद ईसाई धर्म को मानने वालों की आबादी में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इसकी आबादी अगले 35 सालों में 34 फीसदी बढ़ने वाली है।