
Strait of Hormuz Attack: होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों पर हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ओमान के अल खासब से लगभग 20 समुद्री मील उत्तर-पूर्व में एक कार्गो शिप के प्रोजेक्टाइल की चपेट में खबर है। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने घटना की पुष्टि की है। UKMTO के अनुसार, संबंधित अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। हालांकि, घटना के बारे में फिलहाल विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। UKMTO ने इस क्षेत्र से गुजरने वाले सभी जहाजों को सतर्क रहने की सलाह दी है। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने को कहा है।
कार्गो शिप के प्रोजेक्टाइल की चपेट में आने खबर ऐसे वक्त में आई है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट अमेरिका के कंट्रोल में है। अमेरिकी नौसेना की इजाजत के बिना वहां से कोई जहाज नहीं गुजर सकता। इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति ने ओवल ऑफिस में कहा कि अगले एक-दो दिन में ऐसी बातचीत शुरू होगी, जिससे होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुल जाएगा।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ओमान के साथ वार्ता जारी है। अस्थायी आवाजाही को लेकर दोनों देशों के बीच कुछ प्रगति हुई है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया है कि केवल ओमान के साथ समझौता होने भर से होर्मुज स्ट्रेट नहीं खुलेगा। अमेरिका की आक्रामक कार्रवाई जब तक जारी रहेगी, तब तक मौजूदा स्थिति में किसी तरह का परिवर्तन नहीं किया जाएगा।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है। दुनिया में होने वाले कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के समुद्री व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। उत्तर में ईरान, दक्षिण में ओमान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से घिरा यह गलियारा खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। होर्मुज स्ट्रेट अपने प्रवेश और निकास बिंदुओं पर लगभग 50 किलोमीटर (31 मील) चौड़ा है, जबकि अपने सबसे संकरे स्थान पर इसकी चौड़ाई लगभग 33 किलोमीटर है।
आमतौर पर हर महीने लगभग 3,000 जहाज होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरते हैं। हालांकि, 28 फरवरी 2026 को ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले के बाद इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है।