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SUEZ CANAL JAM : स्वेज नहर में विशाल जहाज ने रोका रास्ता, जाम में 200 से ज्यादा जहाज फंसे

-193 किलोमीटर लंबी है लाल सागर और अरब सागर को जोडऩे वाली स्वेज नहर (193 km is the Suez Canal connecting the Red Sea and the Arabian Sea)-400 मीटर लंबे जहाज को निकालने में लगे हैं आठ जहाज-जाम जल्द नहीं खुला तो तेल की कीमतों में होगी वृद्धि

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Mar 26, 2021
400 मीटर लंबे जहाज को निकालने में लगे हैं आठ जहाज

स्वेज नहर में पांच दिन से फंसे विशालकाय कंटेनर जहाज एवर गिवन के कारण जाम लंबा होता जा रहा है। मंगलवार सुबह स्वेज पोर्ट के उत्तर में नहर को पार करते समय रेतीले बवंडर के बाद नियंत्रण खोने से 400 मीटर लंबा और 59 मीटर चौड़ा कंटेनर शिप फंस गया। इस शिप के फंसने से लाल सागर और भूमध्य सागर के किनारों पर बड़ी संख्या में जहाजों का जाम लगा हुआ है। जाम से बचने के लिए कई देशों के जहाज अब अफ्रीका का चक्कर लगाते हुए जा और आ रहे हैं। इससे सामानों के आने में एक सप्ताह का समय बढ़ गया है। कंटेनर शिप एवर गिवन चीन से माल लादने के बाद नीदरलैंड के पोर्ट रॉटरडैम के लिए जा रहा था। इस दौरान उसने हिंद महासागर से यूरोप में जाने के लिए स्वेज नहर का रास्ता अपनाया। जहाज को सीधा करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन इसको मार्ग पर लाने में कुछ दिन या कुछ हफ्ते का समय लग सकता है। 193.3 किलोमीटर लंबी स्वेज नहर भूमध्य सागर को लाल सागर से जोड़ती है। इसी रास्ते से दुनिया के करीब 30 फीसदी शिपिंग कंटेनर गुजरते हैं। पूरी दुनिया के 12 फीसदी सामानों की ढुलाई भी इसी नहर से होती है।

चालक दल भारतीय, सभी सुरक्षित
जहाज के मालिक जापान के शेइई किसेन कैशा के मुताबिक जहाज को चलाने वाला चालक दल भारत से आया है। वे सभी सुरक्षित हैं। इस वक्त मिस्र के दो विशेषज्ञ चालक भी फंसे हुए जहाज को निकालने में मदद कर रहे हैं। इस जहाज को 2018 में बनाया गया था, जिसे ताइवानी ट्रांसपोर्ट कंपनी एवरग्रीन मरीन संचालित करती है। हालांकि इसके मालिक जापानी हैं। एवर गिवन जहाज एशिया और यूरोप के बीच माल की ढुलाई करता है।

स्वेज नहर में फंसे हैं 206 जहाज, अब प्रवेश रोका
स्वेज नहर में एवर गिवन जहाज के फंसने से 206 जहाज जाम में फंसे हुए हैं। इनमें 16 तेल टैंकर शामिल हैं जिसमें से ज्यादातर चीन और भारत जा रहे थे। एवर गिवेन की गिनती दुनिया के सबसे बड़े कंटेनर शिप में होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह जहाज इस तरह से फंस गया है कि इसे निकालने में कई सप्ताह का समय लग सकता है। इस नहर का संचालन कर रहे अधिकारियों ने इसमें प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है। करीब 400 मीटर लंबे इस दैत्याकार जहाज ने स्वेज नहर के दोनों तरफ के रास्तों को ब्लॉक कर दिया है। स्वेज नहर प्राधिकरण ने कहा है कि आठ 8 जहाज इसे निकालने में लगे हुए हैं। इस बीच भारत ने कहा है कि इस जाम से तेल की सप्लाइ में कोई बाधा नहीं आएगी।

वैश्विक व्यापार को बड़ा झटका
जहाज के मालिक ने पूरी घटना के लिए माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि हम स्थिति को जल्द से जल्द ठीक करने के प्रयास कर रहे हैं। हम इस घटना से प्रभावित हुए सभी लोगों से माफी मांगते हैं। कोरोना संकट के बीच इस जाम से वैश्विक व्यापार को एक और बड़ा झटका लगा है। इसे पिछले कुछ सालों में सबसे भीषण जाम बताया जा रहा है।

Published on:
26 Mar 2021 03:22 pm
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