
Punjabi woman Harjit Kaur: कैलिफोर्निया के ईस्ट बे की एक 73 वर्षीय महिला को पिछले सप्ताह अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) ने हिरासत में लिया। वह तीन दशक से अधिक समय से देश में रह रही थी, जिससे समुदाय के सदस्यों में आक्रोश फैल गया है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत से आई आप्रवासी हरजीत कौर का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। वह एक दशक से भी अधिक समय से नियमित आव्रजन जांच का पालन करती रही हैं, जो हर छह महीने में होती है।
कौर को हिरासत में लिए जाने के बाद उनके प्रति समर्थन दिखाने के लिए कॉन्ट्रा कोस्टा काउंटी के एल सोब्रान्टे में लोगों का एक बड़ा समूह इकट्ठा हुआ। शुक्रवार शाम को अप्पियन वे और सैन पाब्लो डैम रोड के चौराहे पर भीड़ जमा हो गई। प्रदर्शनकारियों ने 'वह कोई अपराधी नहीं है' और 'हमारी दादी से हाथ हटाओ' जैसे नारे लिखे तख्तियां ले रखी थीं और गाड़ियां उनके समर्थन में हॉर्न बजा रही थीं। लोगों ने 'दादी को घर ले आओ' लिखे पोस्टर भी पकड़े हुए थे।
कौर को सोमवार (8 सितंबर) को आईसीई द्वारा नियमित जांच के दौरान कथित तौर पर हिरासत में लिया गया था। इस घटना के बाद उनकी पोती सुखदीप कौर ने कहा कि हम सब सदमे में हैं। आईसीई ने कौर को कुछ अतिरिक्त कागजात जमा करने के लिए अपने सैन फ़्रांसिस्को कार्यालय आने को कहा था, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। एक दिन बाद, उन्हें बेकर्सफ़ील्ड के एक हिरासत केंद्र में ले जाया गया।
सुखदीप ने कहा कि कौर सबकी दादी थीं और कहा कि उन्हें एक मां के रूप में देखा जाता था जो स्वतंत्र, निस्वार्थ और कड़ी मेहनत करने वाली थीं। सुखदीप ने आगे कहा, मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा कुछ होगा, खासकर उसके इतिहास और समुदाय का इतना बड़ा हिस्सा होने के बावजूद। यह बेहद शर्मनाक है।
कौर 33 सालों से ईस्ट बे और हरक्यूलिस में रह रही थीं। एक रिपोर्ट के अनुसार, वह दो दशकों से ज्यादा समय से बर्कले के यूनिवर्सिटी एवेन्यू स्थित सारी पैलेस में भी काम कर रही थीं और एल सोब्रांते सिख गुरुद्वारे में नियमित रूप से जाती थीं।