
Middle-East Tensions: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायल रक्षा बल (IDF) ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। आईडीएफ के अनुसार, ईरान ने हाल ही में ऐसी लंबी दूरी की मिसाइलों का परीक्षण किया है, जिनकी मारक क्षमता लगभग 4,000 किलोमीटर तक हो सकती है। इस नई क्षमता के साथ अब यूरोप के प्रमुख शहर जैसे लंदन, पेरिस और बर्लिन सीधे तौर पर ईरानी मिसाइलों के रडार पर आ गए हैं। इजरायली सेना का मानना है कि यह विकास केवल क्षेत्रीय संघर्ष तक सीमित नहीं है, बल्कि अब यह एक वैश्विक सुरक्षा संकट का रूप ले चुका है।
इजरायल ने स्पष्ट किया है कि ईरान की इन विस्तारवादी सैन्य योजनाओं की जानकारी उन्हें काफी पहले से थी। जून 2025 में चलाए गए 'ऑपरेशन राइजिंग लायन' के दौरान आईडीएफ ने यह खुलासा किया था कि ईरानी शासन गुप्त रूप से 4,000 किमी रेंज वाली मिसाइलें विकसित करने की मंशा रखता है। उस समय ईरान ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया था, लेकिन हालिया लॉन्च ने इजरायल के उन दावों की पुष्टि कर दी है। इजरायल का कहना है कि यह आतंकवादी शासन न केवल मध्य पूर्व के 12 देशों पर हमले कर चुका है, बल्कि अब वह एशिया और अफ्रीका के दर्जनों देशों के लिए भी एक गंभीर खतरा बन गया है।
दूसरी ओर, ईरान ने भी इस सैन्य तनातनी के बीच कड़े तेवर दिखाए हैं। हैदराबाद स्थित ईरान के महावाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक चेतावनी जारी करते हुए कहा कि यदि इजरायल अपने सबसे सुरक्षित और किलेबंदी वाले क्षेत्र 'डिमोना' में मिसाइलों को रोकने में विफल रहता है, तो इसका मतलब होगा कि इजरायली आसमान पूरी तरह रक्षाहीन हो चुका है। ईरानी पक्ष ने इसे युद्ध के एक नए चरण की शुरुआत बताया है। उन्होंने संकेत दिया कि अगर इजरायल की रक्षा प्रणाली विफल होती है, तो ईरान अपनी अगली पूर्व-नियोजित योजनाओं को लागू करने के लिए तैयार है। यह बयान नवरोज के अवसर पर जारी किया गया, जिसने राजनयिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
युद्ध की इस गंभीर स्थिति और बढ़ते खतरों के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने देश को संबोधित किया है। उन्होंने अराद के मेयर से बात कर घायलों के प्रति संवेदना व्यक्त की और इसे इजरायल के भविष्य के लिए एक कठिन शाम करार दिया। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि उन्होंने सभी सरकारी मंत्रालयों और बचाव दलों को राहत कार्यों में जुटने के निर्देश दिए हैं। नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि इजरायल अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए सभी मोर्चों पर दुश्मनों को करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने नागरिकों से होम फ्रंट कमांड के निर्देशों का पालन करने की अपील करते हुए युद्ध जारी रखने का संकल्प दोहराया।