
Iran Spy Case: इजरायल के एक IDF सैनिक को ईरान के लिए जासूसी करने का दोषी पाया गया है। इजरायली मिलिट्री की ओर से जारी बयान के अनुसार, ईरान के लिए जासूसी करने के आरोप में एक इजरायली सैनिक को 5 साल जेल की सजा सुनाई गई है। इजरायल पुलिस और शिन बेट की जॉइंट इन्वेस्टिगेशन के बाद, सैनिक को एक विदेशी एजेंट से कॉन्टैक्ट करने और दुश्मन को फायदा पहुंचाने वाली जानकारी देने का दोषी पाया गया।
IDF का कहना है कि जून 2025 में, सैनिक को टेलीग्राम पर कई लोगों से मैसेज मिले, जिनमें से कुछ की पहचान ईरान से हुई थी, और उनमें अलग-अलग जॉब ऑफर थे। एक ईरानी हैंडलर ने सैनिक को अलग-अलग फोटोग्राफी टास्क के बदले पैसे ऑफर किए।
जांच के अनुसार, सैनिक ने ईरान के साथ जून 2025 की लड़ाई के दौरान आम लोगों वाली जगहों और सेना के ठिकानों व मिसाइल इंटरसेप्शन (मिसाइल को हवा में ही नष्ट करने) के दो वीडियो ईरानी हैंडलर को भेजे थे। उसे इनमें से एक वीडियो के लिए पैसे भी मिले थे। इसके अलावा, सैनिक ने ईरानी हैंडलर को आम लोगों वाली जगहों के कई वीडियो भेजे, जिनमें एक मिसाइल के गिरने का वीडियो भी शामिल था। ये वीडियो उसे ऑनलाइन मिले थे।
सेना का कहना है, आखिरकार, दबाव महसूस करने के बाद आरोपी ने अपनी यूनिट के एक सदस्य को उसने एक विदेशी एजेंट के साथ संपर्क में होने की बात का खुलासा किया था, और अगले ही दिन उसे शिन बेट (इजरायली सुरक्षा एजेंसी) ने गिरफ्तार कर लिया।
मामले में इजरायली सैन्य अभियोजकों ने सैनिक को 7 साल की जेल और अतिरिक्त सजा देने की मांग की थी। उन्होंने आरोपी के कामों की गंभीरता और जोखिम, तथा आरोपी और दूसरों को ऐसे कामों से
रोकने की जरूरत पर जोर दिया।
सैन्य अदालत ने अपने फैसले में इस बात पर ध्यान दिया कि सैनिक ने IDF में अपनी भूमिका से मिली कोई सैन्य जानकारी या अन्य कोई जानकारी नहीं दी थी। साथ ही, अदालत ने यह भी माना कि उसने ईरानी हैंडलर से संपर्क तोड़ लिया था और घटना की जानकारी अपने कमांडरों को दी थी।
इसलिए सच कबूलने पर अदालत ने उसे पांच साल की जेल की सजा सुनाई। इसके साथ ही उसे सस्पेंडेड सजा (कुछ शर्तों के साथ जेल न जाना), 1,000 NIS का जुर्माना और IDF में सबसे निचले रैंक यानी 'प्राइवेट' के पद पर डिमोशन (पद घटाना) की सजा भी दी गई।