अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के तेल को लेकर एक बड़ी बात कह दी है। क्या कहा ट्रंप ने? आइए जानते हैं।
ईरान-अमेरिका इज़रायल युद्ध (Iran-US Israel) की वजह से तबाही मची हुई है। अमेरिका (United States of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के सीज़फायर प्रस्ताव को ईरान ने ठुकरा दिया है। वहीं अमेरिका के युद्ध मंत्री (रक्षा मंत्री) पीट हेग्सेथ (Pete Hegseth) ने ईरान पर सबसे बड़े हमले की धमकी दी है। इस हमले में ईरान के पावर प्लांट्स, तेल के भंडार और पुलों को निशाना बनाया जा सकता है। अब ट्रंप ने ईरान के तेल के बारे में एक बार फिर अपने मन की बात कह दी है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और व्हाइट हाउस ईस्टर एग रोल इवेंट के दौरान ट्रंप ने एक बार फिर फिर ईरान के तेल संसाधनों पर कब्ज़ा करने की इच्छा जताई है। ईरान के तेल पर कब्ज़ा करने के बारे में ट्रंप ने कहा, "अगर मेरी मर्ज़ी होती, तो हां, क्योंकि मैं पहले एक बिज़नेसमैन हूं। अमेरिकी जनता सैनिकों को घर वापस लाना चाहती है, लेकिन अगर फैसला मेरे हाथ में होता, तो मैं ईरान का तेल ले लेता, क्योंकि विजेता को लूट का हक होता है।"
ट्रंप की नज़र शुरू से ईरान के तेल पर है और वह इस पर कब्ज़ा करने की इच्छा अलग-अलग मौकों पर जता चुके हैं। ट्रंप चाहते हैं कि ईरान के तेल पर उनका कब्ज़ा हो, जिससे उससे होने वाली कमाई अमेरिका को मिले।
ट्रंप ने इस दौरान वेनेज़ुएला (Venezuela) का उदाहरण भी दिया। ट्रंप ने कहा, "निकोलस मादुरो (Nicolás Maduro) को हटाने के बाद अमेरिका ने वेनेज़ुएला से पार्टनरशिप की और लाखों बैरल तेल हासिल किया। यह युद्ध सिर्फ 45 मिनट में खत्म हो गया था। वेनेज़ुएला से मिले तेल से हुई कमाई ने पूरे सैन्य ऑपरेशन की लागत निकाल ली।"