अगर आप बचपन में नानी के घर पर समय बिताते हैं तो आपको उसका एक बड़ा फायदा होगा। क्या है वो फायदा? आइए जानते हैं।
दुनियाभर में अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग रिसर्च होती रहती हैं। हाल ही में फिनलैंड के तुर्कू विश्वविद्यालय के कुछ शोधकर्ताओं ने एक बड़ी रिसर्च की है। यह रिसर्च बचपन में आपके नानी के घर पर समय बिताने से जुड़ी हुई है। क्या आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि क्या है यह रिसर्च? हाल ही में फिनलैंड के तुर्कू विश्वविद्यालय के कुछ शोधकर्ताओं ने रिसर्च करते हुए एक खुलासा किया है कि अगर आपने बचपन में अपनी नानी के घर पर समय बिताया है तो आप ज़्यादा सकारात्मक होंगे।
जीवन की प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करने में होगी आसानी
फिनलैंड के तुर्कू विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की रिसर्च के अनुसार अगर आपने बचपन में नानी के घर पर समय बिताया है तो न सिर्फ आप ज़्यादा सकारात्मक होंगे, बल्कि जीवन की प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करने में भी आपको आसानी होगी।
भावनात्मक और व्यवहार संबंधी समस्याओं का कर सकेंगे समाधान
फिनलैंड के तुर्कू विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की रिसर्च के अनुसार बचपन में नानी के घर पर समय बिताने से आपको भावनात्मक और व्यवहार संबंधी समस्याओं को समाधान करने में भी आसानी होगी।
जीवन में दादा-दादी के प्रभाव से ज़्यादा नानी का प्रभाव
फिनलैंड के तुर्कू विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की टीम में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शोधकर्ता सैमुली हेले ने कहा है कि जीवन में दादा-दादी के प्रभाव से ज़्यादा नानी का प्रभाव पड़ता है।
नानी के साथ समय बिताने वाले बच्चे चुनौतीपूर्ण वातावरण में करते हैं बेहतर प्रदर्शन
हेले के अनुसार 11 से 16 साल के 1,197 बच्चों पर किए सर्वेक्षण के आधार पर पता चला कि बचपन में संवेदनशील अवधि के दौरान बच्चों पर प्रतिकूल प्रभाव ज़्यादा पड़ता है और यह लंबे समय तक रहता है। हेले ने बताया कि नानी के साथ समय बिताने वाले बच्चे चुनौतीपूर्ण वातावरण में बेहतर प्रदर्शन करते हैं। हेले ने यह भी कहा कि इस रिसर्च पर अभी और शोध किए जाने की ज़रूरत है।
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