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ईरान के साथ युद्ध के बीच अमेरिका ने भारत पर लगाई पाबंदी, अब रूस से नहीं खरीद पाएगा सस्ता तेल!

Russian Oil: 12 मार्च को अमेरिका ने 30 दिन की अस्थायी छूट दी थी। इसके तहत जिससे भारतीय रिफाइनर रूसी ऊर्जा खरीद सकेंगे जो पहले से ही टैंकरों पर लोड की जा चुकी है।
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Apr 16, 2026
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रूस से अब सस्ता तेल नहीं खरीद पाएगा भारत (Photo-IANS)

India-Russia Oil Purchase: ईरान के साथ युद्ध के बीच अमेरिका ने भारत को बड़ा झटका दिया है। अमेरिकी ने रूस और ईरान से तेल खरीदने पर दी गई अस्थायी छूट को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए इसकी घोषणा की। दरअसल, इस फैसले का असर भारत पर भी पड़ेगा, क्योंकि भारत को भी इसका लाभ मिल रहा था।

क्या थी 30 दिन की छूट

बता दें कि 12 मार्च को अमेरिका ने 30 दिन की अस्थायी छूट दी थी, इसके तहत भारतीय रिफाइनर रूसी ऊर्जा खरीद सकेंगे जो पहले से ही टैंकरों पर लोड की जा चुकी है।

दरअसल, युद्ध के बीच आए ऊर्जा संकट को कम करने के लिए वैश्विक बाजार में तेल की सप्लाई बनाए रखना इसका मकसद था। अमेरिका के साथ युद्ध के दौरान ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया था, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने लगी और 100 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई थीं। बाद में अमेरिका ने ईरान से तेल खरीदने के लिए भी इसी तरह की 30 दिन की छूट दी।

बता दें कि रूस वाली छूट 11 अप्रैल को खत्म हो गई, जबकि ईरान वाली छूट 19 अप्रैल को समाप्त होगी। 

भारत को मिला था बड़ा फायदा

इस छूट का सबसे ज्यादा फायदा भारत को हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत ने इस दौरान रूस से करीब 3 करोड़ बैरल तेल खरीदने के ऑर्डर दिए थे। इसके अलावा भारत समेत कई एशियाई देशों ने इस छूट को आगे बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन अमेरिका ने इसे खारिज कर दिया।

अमेरिका में भी हुआ विरोध

इस फैसले को लेकर अमेरिका में भी सियासी विवाद देखने को मिला। डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने छूट का कड़ा विरोध किया। सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने कहा कि इस छूट से रूस को युद्ध के लिए आर्थिक मदद मिल रही है।

आगे क्या असर होगा?

अमेरिका के इस फैसले के बाद भारत समेत कई देशों के लिए सस्ते तेल की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। साथ ही वैश्विक तेल बाजार में एक बार फिर अस्थिरता बढ़ने की आशंका है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर वृद्धि देखने को मिल सकती है। 

Updated on:
16 Apr 2026 06:39 am
Published on:
16 Apr 2026 06:39 am