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कौन है पाकिस्तानी वकील ईमान मजारी, जानें क्यों उन्हें और उनके पति को सुनाई गई 17 साल की सजा

पाकिस्तान की मानवाधिकार वकील इमान माजरी को एंटी स्टेट सोशल मीडिया पोस्ट के आरोप में दस साल की जेल हुई। इस फैसले ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मानवाधिकारों पर नई बहस छेड़ दी है।

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Jan 26, 2026
इमान मजारी और उनके पति (फोटो- Dr Waqas Nawaz एक्स पोस्ट)

पाकिस्तान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मानवाधिकारों को लेकर लंबे समय से बहस चलती रही है। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के साथ सरकार और सुरक्षा संस्थाएं ऑनलाइन गतिविधियों पर सख्त नजर रख रही हैं। इसी पृष्ठभूमि में चर्चित मानवाधिकार वकील इमान माजरी को कथित एंटी स्टेट सोशल मीडिया पोस्ट के आरोप में जेल की सजा सुनाई गई है, जिसने देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस को जन्म दिया है।

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इमान माजरी कौन हैं और क्यों चर्चा में हैं

इमान माजरी पाकिस्तान की जानी मानी मानवाधिकार वकील हैं, जिन्होंने अल्पसंख्यकों, पत्रकारों और विवादित मामलों में आरोपित लोगों का कानूनी बचाव किया है। वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सैन्य संस्थानों की आलोचना को लेकर मुखर रही हैं। सोशल मीडिया पर उनके विचार अक्सर चर्चा में रहते थे। इन्हीं पोस्ट को आधार बनाकर उन पर साइबर टेररिज्म और हेट स्पीच जैसे गंभीर आरोप लगाए गए, जिनके बाद मामला अदालत तक पहुंचा।

अदालत का फैसला और कानूनी प्रक्रिया

इस मामले में सुनवाई करते हुए इस्लामाबाद की एक अदालत ने इमान माजरी और उनके पति तथा वकील हादी अली चट्ठा पर सोशल मीडिया पर पाकिस्तान सेना के खिलाफ आपत्तिजनक बातें लिखने के आरोप में दोनों को मिलाकर 17 साल की जेल की सजा सुनाई। अदालत के अनुसार सोशल मीडिया पर साझा की गई सामग्री अत्यधिक आपत्तिजनक और राज्य विरोधी थी। यह फैसला उनकी गिरफ्तारी के एक दिन बाद आया, जब वे सुनवाई के लिए अदालत जा रहे थे। फैसले ने यह संकेत दिया कि पाकिस्तान में ऑनलाइन अभिव्यक्ति को लेकर कानूनों का सख्ती से इस्तेमाल किया जा रहा है।

मानवाधिकार और अभिव्यक्ति की आजादी पर असर

इमान माजरी की सजा को कई लोग पाकिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति से जोड़कर देख रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि ऐसे मामलों से असहमति की आवाजों को दबाने का संदेश जाता है। माजरी ने अदालत में कहा कि सच्चाई बोलना इस देश में मुश्किल होता जा रहा है, लेकिन वह पीछे हटने वाली नहीं हैं। उनके इस रुख की तुलना दिवंगत मानवाधिकार वकील अस्मा जहांगीर से भी की जा रही है।

परिवार और राजनीतिक पृष्ठभूमि

इमान माजरी एक प्रभावशाली राजनीतिक और शैक्षणिक परिवार से आती हैं। उनकी मां शिरीन माजरी पाकिस्तान की पूर्व मानवाधिकार मंत्री रह चुकी हैं। उनके पिता दक्षिण एशिया के प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ थे। परिवार का कहना है कि यह समय उनके लिए बेहद कठिन है, लेकिन वे कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे। इस मामले ने एक बार फिर पाकिस्तान में कानून, राजनीति और मानवाधिकारों के जटिल रिश्ते को उजागर किया है।

Published on:
26 Jan 2026 11:18 am
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