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गणतंत्र दिवस से पहले J&K के कठुआ जिले में LOC के पास दिखे संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन, सुरक्षा बल अलर्ट

LoC के पास कठुआ में गणतंत्र दिवस से पहले संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए। भारतीय सुरक्षा बल सतर्क, एंटी-ड्रोन सिस्टम सक्रिय।
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पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है और सीमा पार से ड्रोन उड़ाकर भारतीय सीमा में आतंकी घुसपैठ और हथियार भेजने की फिराक में लगा रहता है। कुछ ऐसा ही प्रयास 77वें गणतंत्र दिवस से पहले जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास देखने को मिला, जहां संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन मंडराते हुए देखे गए। सतर्क भारतीय जवानों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए एंटी-ड्रोन सिस्टम को सक्रिय कर दिया। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब सीमा पार से इस तरह की हरकत सामने आई हो। पिछले 15 दिनों में एलओसी के पास अब तक कई ड्रोन देखे जा चुके हैं।

पिछले 15 दिनों में एलओसी पर ड्रोन गतिविधि

  • 10–11 जनवरी 2026: सुरक्षा बलों ने एलओसी पर कई संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन मूवमेंट दर्ज किए, जो भारतीय सीमा के ऊपर कुछ मिनटों तक मंडराने के बाद वापस पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (PoK) लौट गए। इसके बाद सुरक्षा बलों द्वारा नौशेरा-राजौरी, तेरयाथ (राजौरी), रामगढ़ (सांबा) और मनकोट (पुंछ) क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन शुरू किए गए।
  • 12–13 जनवरी 2026: राजौरी जिले के कई सेक्टरों में दो बार ड्रोन मूवमेंट की सूचना मिली। भारतीय सेना ने लाइट-मीडियम मशीन गन से फायरिंग कर ड्रोन को वापस खदेड़ दिया। नौशेरा-राजौरी और डूंगा गाला क्षेत्रों में ड्रोन देखे गए, जिसके बाद काउंटर-UAS (एंटी-ड्रोन) सिस्टम सक्रिय किए गए।
  • 14–21 जनवरी 2026: 14 और 15 जनवरी को राजौरी जिले के LoC क्षेत्रों में कई ड्रोन मंडराते हुए देखे गए। भारतीय सेना ने एंटी-ड्रोन सिस्टम जैसे सुरक्षा उपाय लागू किए। रिपोर्ट के अनुसार, ये ड्रोन भारतीय सीमा के ऊपर मंडराने के बाद वापस लौट गए। इस दौरान सुरक्षा बलों ने फायरिंग भी की, ताकि किसी भी ड्रोन को भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने से रोका जा सके और हथियार गिराने की किसी भी कोशिश को नाकाम किया जा सके। 15 जनवरी को पुंछ में LoC पोस्ट और सांबा जिले के चक बबरल गांव के ऊपर रात करीब 7:15 बजे ड्रोन मंडराते देखे गए। 17 जनवरी को जम्मू के कानाचक और रामगढ़ सेक्टर में रात के समय संदिग्ध ड्रोन दिखाई दिए। BSF की फायरिंग के बाद ये ड्रोन पाकिस्तान की ओर लौट गए। 21 जनवरी को भी नियंत्रण रेखा (LoC) के पास ड्रोन देखे गए। इससे पहले रामगढ़ सेक्टर में भी ड्रोन गतिविधि दर्ज की गई थी।

एलओसी पर चौकसी बढ़ी

सीमापार से लगातार बढ़ रही ड्रोन गतिविधियों को देखते हुए एलओसी पर निगरानी और चौकसी बढ़ा दी गई है। सुरक्षा बल और खुफिया एजेंसियाँ हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। भारतीय सुरक्षा बल पाकिस्तान की ओर से भेजे जा रहे ड्रोन से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।