इमरान खान की पार्टी पीटीआई के नेता लतीफ खोसा ने पाकिस्तान के चीफ जस्टिस को पत्र लिखा है। क्या है इसकी वजह? आइए नज़र डालते हैं।
पाकिस्तान (Pakistan) के पूर्व पीएम इमरान खान (Imran Khan) 2 साल से भी ज़्यादा समय से रावलपिंडी की अदियाला जेल में सज़ा काट रहे हैं। कुछ महीने पहले उनकी हत्या की अफवाह भी सामने आई थी। हालांकि बाद में इमरान की मौत की अफवाहों पर विराम लग गया था। कुछ दिन पहले ही खबर आई थी कि जेल में टॉर्चर की वजह से इमरान की दाहिनी आँख से देखने की 85% क्षमता खत्म हो चुकी है। यह खबर बाहर आने पर जब लोगों ने विरोध शुरू किया, तो जेल में मेडिकल टीम ने इमरान की जांच की। हालांकि अब उनकी पार्टी के एक नेता ने इस मामले में पाकिस्तान के चीफ जस्टिस को पत्र लिख दिया है।
पीटीआई (PTI) के नेता लतीफ खोसा (Latif Khosa) ने पाकिस्तान के चीफ जस्टिस याह्या अफरीदी (Yahya Afridi) को पत्र लिखकर पूर्व पाकिस्तानी पीएम के स्वास्थ्य पर चिंता जताई है। उन्होंने इस बात पर एतराज भी जताया है कि अदियाला जेल में इमरान की आँख की जांच गुप्त तरीके से हुई। खोसा ने शिकायत की है कि इमरान के परिवार या इंडिपेंडेंट डॉक्टरों को बिना बताए गुप्त तरीके से इमरान की जांच करना गलत था। इससे कई तरह के शक पैदा हो गए हैं।
खोसा के अनुसार इस तरह से गुप्त जांच करने से न सिर्फ मेडिकल प्रोसेस के प्रति भरोसा कम होता है, बल्कि इमरान के परिवार के सदस्यों, दोस्तों और समर्थकों में भी बेचैनी और परेशानी पैदा हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि इमरान का बिगड़ता स्वास्थ्य पूरे पाकिस्तान के लिए चिंताजनक है।
खोसा ने अपने पत्र में इस बात की भी शिकायत की है कि इमरान के परिवार की मांगों को लगातार नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। इमरान की आँखों की जांच के लिए बार-बार उनके पर्सनल डॉक्टरों फैसल सुल्तान और आसिम यूसुफ से मीटिंग की मांग की जा रही है, लेकिन इसकी अनुमति नहीं दी जा रही है। इतना ही नहीं, इमरान को अपने परिवार के सदस्यों से भी मिलने नहीं दिया जा रहा, जिसे खोसा ने गलत बताया है। खोसा ने इस मामले में चीफ जस्टिस से दखल देने की अपील की है।