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‘भारतीय नागरिक ईरान न जाएं और पहले से मौजूद लोग किसी भी तरह छोड़ें देश’, भारत ने जारी की एडवाइज़री

Advisory For Indian Nationals: ईरान और इज़रायल के एक-दूसरे पर हमलों के बाद लग रहा है कि दोनों देशों के बीच जंग एक बार फिर गंभीर हो सकती है। इसी बीच भारत ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइज़री जारी कर दी है।

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Jun 08, 2026
Indian Embassy in Iran
ईरान में भारतीय दूतावास (File Photo)

ईरान (Iran) ने आज, सोमवार, 8 जून को तड़के सुबह इज़रायल (Israel) पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला कर दिया। अप्रैल में सीज़फायर के बाद यह इज़रायल पर ईरान का पहला हमला था। ईरान के हमले के बाद इज़रायल ने भी ईरान में तेहरान, तबरेज, इस्फहान क्षेत्र में सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। इसके बाद ईरान ने एक बार फिर उत्तरी इज़रायल पर मिसाइलें दागीं हैं। दोनों देशों के बीच एक बार फिर जंग के गंभीर होने का खतरा बढ़ गया है। इसी बीच अब ईरान में भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइज़री जारी की है।

"भारतीय नागरिक ईरान न जाए और…"

ईरान में मौजूद स्थिति को देखते हुए भारतीय दूतावास (Indian Embassy) ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइज़री जारी की है। ईरान में भारतीय दूतावास के सोशल मीडिया अकाउंट ने एडवाइज़री जारी करते हुए भारतीय नागरिकों से कहा, "मिडिल ईस्ट में ताज़ा घटनाक्रमों को देखते हुए दूतावास सभी भारतीय नागरिकों को ईरान की यात्रा से बचने की अपनी पूर्व सलाह को दोहराता है। साथ ही ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों को भी उपलब्ध परिवहन साधनों द्वारा देश छोड़ने की सलाह दी जाती है।"

ट्रंप के मना करने के बावजूद इज़रायल ने किया हमला

इज़रायल पर ईरान के हमले के बाद अमेरिका (United States of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने इज़रायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) को फोन करके साफ तौर पर कहा कि ईरान के खिलाफ किसी तरह की जवाबी कार्रवाई नहीं होने चाहिए, क्योंकि अमेरिका और ईरान शांति-समझौते के काफी करीब है। ट्रंप नहीं चाहते हैं कि मिडिल ईस्ट में फिर से युद्ध की शुरुआत हो, लेकिन उनके मना करने के बावजूद इज़रायल ने ईरान पर हमला कर दिया।

नेतन्याहू के पास नहीं है कोई विकल्प

ट्रंप ने यह भी कहा है कि नेतन्याहू के पास ईरान के साथ डील को स्वीकार करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि इस मामले में सभी फैसले वह खुद लेते हैं और नेतन्याहू को उन फैसलों को मानना ही होगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कुछ दिन पहले ही ट्रंप और नेतन्याहू के बीच फोन पर बातचीत हुई थी और इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने इज़रायली पीएम को लेबनान में सीज़फायर का उल्लंघन करने के लिए फटकार भी लगाई थी।