हाल ही में कच्चे तेल से लदे दो जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रते हुए भारत आने की अनुमति दी गई थी, जिसके बाद वो मुंबई पहुंचे थे। अब 2 एलपीजी गैस से लदे जहाजों को ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रने का ग्रीन सिग्नल दे दिया है।
अमेरिका (United States Of America) और इज़रायल (Israel) का ईरान (Iran) के खिलाफ चल रहे युद्ध से दुनियाभर में तेल और गैस संकट गहरा गया है। दुनियाभर का करीब 20-30% तेल होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से होकर गुज़रता है, जिस पर ईरान का कंट्रोल है। युद्ध के चलते तेल और गैस से लदे कई जहाज समुद्र में फंसे हुए हैं, जिनमें भारत (India) के भी जहाज शामिल हैं। हाल ही में ईरान ने तेल से भरे दो जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रते हुए भारत जाने की अनुमति दी गई थी। अब ईरान ने भारत को एक और बड़ी राहत दी है।
LPG गैस से लदे दो जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रते हुए भारत आएंगे। ईरान ने इसके लिए भारत को ग्रीन सिग्नल दे दिया है। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली (Mohammad Fathali) ने भी इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से भारत जाने वाले जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और ईरान के क्षेत्रीय हित समान हैं, दोनों देश मित्र हैं और साझा विश्वासों से जुड़े हैं।
होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते दो एलपीजी से लदे जहाजों के भारत आने से देश में चल रहे गैस संकट से कुछ हद तक राहत मिलेगी। इस बीच भारत और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट से तेल और गैस से लदे अन्य जहाज़ों को भी देश में आने की अनुमति देने की बातचीत जारी है।
आज सऊदी अरब (Saudi Arabia) से भी क्रूड ऑयल का जहाज भारत आएगा। इससे देश में तेल की आपूर्ति बढ़ेगी। दुनियाभर में चल रहे संकट के बीच भारत का रूस से तेल खरीदना भी बरकरार है।
मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध (Middle East War) के चलते भारत के कई शहरों में एलपीजी संकट पैदा हो गया है, जिसके चलते लोगों में चिंता बढ़ गई है। कई बड़े शहरों में कई रेस्टोरेंट, ढाबों और होटलों के बंद होने की खबरें हैं। घरेलू गैस के लिए भी कई जगह कतारें लगी हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने संसद में कहा है कि इस बारे में अफवाहें नहीं फैलाई जाएं। सरकार ने दावा किया कि गैस की आपूर्ति ठीक बनी हुई है और घरेलू गैस आपूर्ति को प्राथमिकता दी गई है।