
Russian Shadow Fleet Tanker Seized
Russian Shadow Fleet Tanker Seized: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को लेकर समुद्र में एक बहुत बड़ी कार्रवाई सामने आई है। ब्रिटेन (UK) के अधिकारियों ने इंग्लिश चैनल में एक विशेष ऑपरेशन चलाकर रूस के 'शैडो फ्लीट' (Shadow Fleet/गुप्त बेड़े) से जुड़े एक कच्चे तेल के टैंकर को जब्त कर लिया है। इस हाई-प्रोफाइल समुद्री कार्रवाई के दौरान जहाज के भारतीय मूल के कप्तान (कैप्टन) को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना ने वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की तस्करी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के उल्लंघन को लेकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।
ब्रिटेन की सुरक्षा एजेंसियों और तटीय सुरक्षा बलों को खुफिया जानकारी मिली थी कि एक प्रतिबंधित रूसी तेल टैंकर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को चकमा देकर इंग्लिश चैनल के रास्ते कच्चे तेल की खेप ले जाने की कोशिश कर रहा है। इसके बाद ब्रिटेन के अधिकारियों ने चैनल ऑपरेशन के तहत समंदर के बीचों-बीच घेराबंदी करके इस विशालकाय टैंकर को अपने कब्जे में ले लिया। जांच में पाया गया कि यह जहाज रूस के उस 'शैडो फ्लीट' का हिस्सा है, जिसका इस्तेमाल रूस अपने तेल पर लगे वैश्विक प्रतिबंधों और 'प्राइस कैप' (मूल्य सीमा) नियमों को दरकिनार करने के लिए करता है।
जहाज को जब्त करने के बाद ब्रिटिश अधिकारियों ने उसके कप्तान को हिरासत में ले लिया, जो भारतीय नागरिक बताए जा रहे हैं। कप्तान पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का उल्लंघन करने, अवैध रूप से रूसी तेल के परिवहन में सहयोग करने और समुद्री कानूनों की अनदेखी करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। फिलहाल ब्रिटिश सुरक्षा एजेंसियां और मैरीटाइम अथॉरिटी भारतीय कप्तान से गहन पूछताछ कर रही हैं ताकि इस गुप्त नेटवर्क के पीछे काम करने वाले असली चेहरों और वित्तीय लेन-देन का पता लगाया जा सके।
यूक्रेन पर हमले के बाद अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ सहित कई पश्चिमी देशों ने रूसी तेल के आयात पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे। इन प्रतिबंधों से बचने के लिए रूस ने पुराने, बिना बीमा वाले और अज्ञात स्वामित्व वाले जहाजों का एक विशाल गुप्त नेटवर्क तैयार किया है, जिसे अंतरराष्ट्रीय मीडिया में 'शैडो फ्लीट' या 'घोस्ट फ्लीट' कहा जाता है। ये जहाज अक्सर अपने देश का झंडा (Flag of Convenience) बदलकर और समुद्र में अपने ट्रैकिंग सिस्टम (AIS) को बंद करके प्रतिबंधित तेल को एक देश से दूसरे देश पहुंचाते हैं।
Updated on:
16 Jun 2026 09:48 pm
Published on:
16 Jun 2026 09:48 pm
