ईरान में युद्ध के डर से भारतीय छात्र मुसैद ने वीडियो जारी कर भारत सरकार और दूतावास से अपील की कि फंसे छात्रों को तुरंत निकाला जाए। उसने कहा, अंदर हालात ठीक लेकिन बाहर खराब हैं, जंग आने वाली है और बहुत कुछ गलत होगा।
ईरान में जंग के डर से एक भारतीय छात्र थर्रा उठा है। उसने वीडियो के माध्यम से भारत सरकार और भारतीय दूतावास से बड़ी अपील भी कर दी है। ईरान के हालात पर भारतीय स्टूडेंट मुसैद ने एक वीडियो जारी किया है।
मुसैद ने वीडियो में कहा- ईरान में अंदर से हालात ठीक हैं, लेकिन बाहर से हालात बहुत खराब हैं। वे कह रहे हैं कि आने वाले दिनों में जंग होगी और बहुत कुछ गलत होगा। लेकिन हमारे कुछ एग्जाम शेड्यूल हैं।
छात्र ने वीडियो में कहा- हम रिक्वेस्ट करते हैं कि इंडियन एम्बेसी हमारी यूनिवर्सिटी और ईरान मिनिस्ट्री से बात करके उन्हें पोस्टपोन कर दे ताकि हालात ठीक होने तक हम भी घर जा सकें। हमने अपनी यूनिवर्सिटी से बात की, लेकिन उन्होंने कहा कि यह फैसला सिर्फ उनका नहीं बल्कि ईरान मिनिस्ट्री का है।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है। 26 फरवरी को जिनेवा में इसको लेकर तीसरे दौर की बातचीत होगी, जिसे कई लोग आखिरी मौका मान रहे हैं।
अगर डील नहीं हुई तो अमेरिका लिमिटेड स्ट्राइक या बड़ा हमला कर सकता है। ट्रंप ने 10-15 दिन का अल्टीमेटम दिया था, अब 48 घंटे जैसी डेडलाइन की खबरें हैं।
उधर, ईरान ने कहा है कि हमला हुआ तो वह भी जोरदार जवाब देगा। उसने साफ कहा है कि वह अमेरिकी बेस, इजराइल और शिपिंग (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) पर हमले करेगा।
हाल ही में ईरान-रूस ने अमेरिका को दिखाने के लिए नेवल एक्सरसाइज भी की थी। लेकिन अंदरूनी हालात कमजोर हैं। इस बीच, ईरान में पढ़ने वाले भारतीय छात्र डरे हुए हैं। इंडियन एम्बेसी ने उन्हें वहां से तुरंत निकलने की एडवाइजरी जारी की है।
वहीं, अमेरिका से सामना करने के लिए ईरान चीन से खतरनाक मिसाइल भी खरीद रहा है। उनकी मिसाइल डील पर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच गई है। यह डील ईरान को चीन से सीएम-302 सुपरसोनिक एंटी-शिप क्रूज मिसाइलें खरीदने की है।
सीएम-302 सुपरसोनिक एंटी-शिप क्रूज मिसाइल चीन की सरकारी कंपनी बनाती है। इसकी रेंज लगभग 290 किलोमीटर है। यह बहुत तेज गति से उड़ान भरती है, जिससे जहाजों की डिफेंस सिस्टम से बचना आसान होता है।