संयुक्त राष्ट्र के आह्वान पर हमारे समाज के भविष्य के रूप में लड़कियों के महत्व और संभावनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए 11 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। 2022 में IGD (International Day of the Girl ) की 10वीं वर्षगांठ है। संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, इस वर्ष सभी क्षेत्रों में लड़कियों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों पर अधिक ध्यान दिया जाएगा।
International Girl Child Day 2022: पिछले 10 सालों से 11 अक्टूबर का दिन दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस (International Day of the Girl Child) के रूप में मनाया जा रहा है। लेकिन इस बार का गर्ल चाइल्ड डे खास हो गया है। इस बार यानी साल 2022 के अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस की थीम है- 'अब समय हमारा है- हमारे अधिकार, हमारा भविष्य' (Our Time is now- our rights, our Future)। इस बार जिस पृष्ठभूमि में इंटरनेशनल गर्ल चाइल्ड डे मनाया जा रहा है, उसमें ईरान में महिलाओं का दमन विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जिसमें बच्चियों और किशोरियों को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है। साथ ही कोविड19 ने दुनिया भर में बच्चियों के काम के बोझ को बढ़ा दिया है और करोड़ों बच्चों को स्कूल के बाहर बैठा दिया है।
हर चार मेंं एक लड़की शिक्षा, रोजगार या प्रशिक्षण से है बाहर
इस मौके पर संयुक्त राष्ट्र की ओर जारी एक दस्तावेज में कहा गया है कि 10 में से 1 लड़के की तुलना में वैश्विक स्तर पर 15-19 आयु वर्ग की 4 में से 1 लड़की शिक्षा, रोजगार या प्रशिक्षण में नहीं है। ये स्थिति आज भी दुनिया भर में लड़के और लड़की के बीच गहरी विषमता को इंगित करती है।
कैसे हुई इस दिन को मनाने की शुरुआत
संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के अनुसार इस दिन को मनाने का खास उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों और महिला सशक्तीकरण के बारे में बताना है। जिससे वो अपने सामने आने वाली चुनौतियों का बिना डरे डटकर सामना कर सकें और अपनी जरूरतों के साथ ही अपने सपनों को भी पूरे कर सकें।
यूं शुरू हुआ अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस
तो चलिए बताते हैं कि कैसे हुई थी इस दिन को मनाने की शुरुआत और दुनियाभर में इसे कैसे सेलिब्रेट किया जाता है यह दिन... संयुक्त राष्ट्र संघ की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, ''साल 1995 में बीजिंग में हुए विश्व महिला सम्मेलन में सभी देशों ने एक मत से बीजिंग घोषणा और एक्शन मंच को अपनाया गया था। बीजिंग घोषणापत्र न केवल महिलाओं बल्कि लड़कियों के अधिकारों को आगे बढ़ाने के लिए अब तक का सबसे प्रगतिशील योजना का मसौदा है। बीजिंग घोषणा पत्र विशेष रूप से लड़कियों के अधिकारों का आह्वान करने वाला पहला है मसौदा माना जाता है। इसके बाद बीजिंग घोषणा पत्र को ध्यान में रखते हुए
लड़कियों के अधिकारों और दुनिया भर में लड़कियों के सामने आने वाली अनूठी चुनौतियों को पहचानने के लिए 19 दिसंबर, 2011 को, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने संकल्प क्रमांक 66/170 को अपनाया, जिसके अंतर्गत 11 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के रूप में घोषित करने की घोषणा की गई। इस तरह से अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस लड़कियों के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करने और लड़कियों के सशक्तिकरण और उनके मानवाधिकारों की पूर्ति को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित करता है।''
इस तरह 19 दिसंबर, 2011 को संयुक्त राष्ट्र ने इस प्रस्ताव को पारित किया और अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के लिए 11 अक्तूबर की तारीख तय की गई और 2012 से हर साल यह मनाया जाने लगा।
अंतर्राष्ट्रीय बालिक दिवस 2022 की थीम
साल 2022 के अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस की थीम है- 'अब हमारा समय है- हमारे अधिकार हमारा भविष्य' (Our Time is now- our rights, our Future)
अंतरराष्ट्रीय बालिक दिवस मनाने का उद्देश्य
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस हर साल 11 अक्टूबर को दुनिया के 50 से ज्यादा देशों द्वारा मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य नारी शक्ति की ओर लोगों को जागरूक करना और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना होता है। दुनिया के सभी देशों में स्त्री को उसका सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, भाषण दिए जाते हैं और एक-दूसरे को मैसेज, कोट्स भेजकर लोग अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाते हैं।