ईरान और US-इजरायल के बीच 28 फरवरी से शुरू हुई जंग खतरनाक मोड ले चुकी है। इस जंग के बीच अमेरिका ने ईरान को फिर से आखिरी अल्टीमेटम दिया है।
Iran and the US-Israel War: ईरान और US-इजरायल के बीच जारी जंग खत्म होने की संभावना नजर नहीं आ रही है। अमेरिका इस जंग को आर-पार की लड़ाई के नजरिए से डील कर रहा है। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच अमेरिका ने ईरान को आखिरी चेतावनी दी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को भारतीय समय के अनुसार सुबह 5:30 बजे तक का अंतिम अल्टीमेटम दे दिया है। इस धमकी के बाद व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने ईरान को फिर से कड़ी चेतावनी दी। लेविट ने कहा- यह तेहरान के लिए परमाणु महत्वाकांक्षाएं छोड़ने और अमेरिका के साथ एक अच्छा समझौता करने का आखिरी मौका है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने जोर देकर कहा कि ईरान के साथ अब कूटनीतिक बातचीत समाप्त हो चुकी है। अब ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। ट्रंप ने ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए 15-सूत्रीय प्रस्ताव रखा था, जिसमें परमाणु कार्यक्रम बंद करना, यूरेनियम स्टॉक बाहर भेजना और हार्मुज स्ट्रेट को खोलना शामिल है। अगर ईरान ने समय सीमा का पालन नहीं किया तो अमेरिका ईरान के पॉवर हाउस और पुलों पर हमले की धमकी दे चुका है।
डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को धमकी के बाद व्हाइट हाउस ने अमेरिका का पक्ष स्पष्ट किया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने कहा कि ट्रंप झूठी धमकी नहीं देते। ईरान अब फैसला करे कि वह शांति चुनता है या विनाश। व्हाइट हाउस ने कहा कि अब आगे क्या होगा यह ट्रंप की जानते हैं।
व्हाइट हाउस की आखिरी चेतावनी से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को भारतीय समय अनुसार, बुधवार को सुबह 5.30 बजे तक की डेडलाइन दी है। ट्रंप ने कहा है कि अगर मंगलवार (7 अप्रैल) की आधी रात तक ईरान समझौता नहीं करता है तो अमेरिका हमला करेगा। इस दौरा अमेरिका ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा। जिसमें पॉवर प्लांट और पुल शामिल हैं। ट्रंप ने ईरान को होर्मुज की स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को खोलने या जहन्नुम देखने की सीधी चेतावनी दी है।
व्हाइट हाउस ने ईरान के परमाणु और मिसाइल बुनियादी ढांचे को पूरी तरह नष्ट करने के लिए 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत सैन्य दबाव बनाए रखा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि यह तेहरान के लिए सही रास्ता अपनाने और अच्छा समझौता करने का ऐतिहासिक अवसर है। ईरान ने अमेरिका के 15-सूत्रीय प्रस्ताव को अवास्तविक और अतार्किक बताते हुए अस्थायी युद्धविराम मॉडल को खारिज कर दिया है।
तेहरान का दावा है कि अमेरिका का प्रस्ताव उसकी संप्रभुता और सुरक्षा हितों के खिलाफ है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने ईरान की इस निराशाजनक प्रतिक्रिया को खारिज करते हुए कहा कि तेहरान के नेता बातचीत में झूठ बोल रहे हैं। ईरानी नेता समय बर्बाद कर रहे हैं। व्हाइट हाउस ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने जल्दी सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो परिणाम बहुत गंभीर होंगे।