
हिज़्बुल्लाह ने इज़रायली सेना पर हमला किया (प्रतीकात्मक तस्वीर)
US-Israel-Iran War: मध्य पूर्व में जारी संघर्ष लगातार और गंभीर होता जा रहा है। ईरान, अमेरिका, इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच लेबनान से इजराइल के खिलाफ बड़े हमलों की खबर सामने आई है, जिसने हालात को और संवेदनशील बना दिया। हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी लेबनान में इजराइली सेना के कई ठिकानों पर ड्रोन, रॉकेट और मिसाइलों से 14 हमले किए। संगठन के अनुसार इन हमलों में सैन्य वाहनों, कमांड सेंटर और नौसैनिक ठिकानों को निशाना बनाया गया।
हिजबुल्लाह ने कहा कि सोमवार रात से मंगलवार तक उसने लगातार कई सैन्य अभियान चलाए। संगठन के मुताबिक इजराइली सेना की गतिविधियों को रोकने के लिए ड्रोन और गाइडेड मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। हिजबुल्लाह ने यह भी दावा किया कि उसके लड़ाकों ने इजराइल के हर्मीस 450 ड्रोन को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। दक्षिणी लेबनान और सीमा से लगे इलाकों में धमाकों और हवाई हमलों की आवाजें सुनी गईं। इजराइल की ओर से इन दावों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सीमित रही, लेकिन सेना ने सीमा क्षेत्र में अपनी सैन्य गतिविधियां तेज कर दी हैं।
वहीं दूसरी तरफ ईरान और अमेरिका के बीच भी तनाव तेजी से बढ़ रहा है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने दावा किया कि उसने बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय पर शाहेद-136 ड्रोन से हमला किया। ईरान ने इसे अमेरिकी कार्रवाई का जवाब बताया है। दूसरी ओर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि उसने आत्मरक्षा में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार और कंट्रोल साइट्स पर कार्रवाई की है। अमेरिका का कहना है कि यह कदम होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी हेलिकॉप्टर पर हमले के बाद उठाया गया। दोनों देशों के दावों ने क्षेत्रीय संघर्ष को और खतरनाक बना दिया है।
तनावपूर्ण हालात के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौता जल्द हो सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले कुछ हफ्तों में सकारात्मक प्रगति देखने को मिल सकती है। हालांकि ईरान ने अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की मांग की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सीमा पर हमले इसी तरह जारी रहे तो मध्य पूर्व में बड़ा सैन्य संकट पैदा हो सकता है।
Updated on:
10 Jun 2026 12:14 pm
Published on:
10 Jun 2026 12:09 pm
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