
ईरान ने जॉर्डन पर किया हमला (File Photo)
अमेरिका (United States of America) की सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर के क्रैश होने के बाद अमेरिकी सेना ने तड़के सुबह ईरान (Iran) पर हमला कर दिया। इस दौरान अमेरिकी सेना ने केशम आइलैंड, सिरिक, बंदर अब्बास, कोह-ए-मुबारक और जास्क को निशाना बनाया और एयर डिफेंस, रडार और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के पास के सैन्य ठिकानों पर हमले किए। अमेरिका के हमले का जवाब देने के लिए आईआरजीसी - इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC - Islamic Revolutionary Guard Corps) ने बहरीन (Bahrain) में पहले अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट के ठिकाने पर ड्रोन्स से हमला किया और अब जॉर्डन (Jordan) पर हमला कर दिया है।
आईआरजीसी ने जॉर्डन पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं हैं और मुवफ्फाक साल्टी एयरबेस (Muwaffaq Salti Air Base) को निशाना बनाया है। इस एयरबेस को अल-अज़राक एयरबेस (Al-Azraq Air Base) के नाम से भी जाना जाता है।
आईआरजीसी ने मुवफ्फाक साल्टी एयरबेस (अल-अज़राक एयरबेस) में चार लक्ष्यों को निशाना बनाया। आईआरजीसी ने दावा किया कि इन हमलों में अमेरिकी फाइटर जेट्स (F-35, F-15) के हंगर, कमांड सेंटर, लिविंग क्वार्टर्स, रडार सिस्टम और सैन्य उपकरणों को नुकसान पहुंचा। फिलहाल इस हमले में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं आई है।
मिडिल ईस्ट में जॉर्डन को अमेरिका के सहयोगी देशों में से एक माना जाता है। जिस एयरबेस पर आईआरजीसी ने हमला किया, ईरानी सेना ने पहले भी आरोप लगाया है कि इसका इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए किया जाता है। इसी वजह से आईआरजीसी ने जॉर्डन पर हमला किया।
आईआरजीसी के मिसाइल अटैक के बाद जॉर्डन में भी सायरन बज गए हैं। प्रभावित क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और लोगों की चिंता बढ़ गई है।
बहरीन और जॉर्डन पर ईरान के हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ना तय है। दोनों ही अमेरिका के सहयोगी देश हैं और पिछली बार करीब 40 दिन तक चले युद्ध के दौरान भी ईरान ने बहरीन और जॉर्डन को कई बार निशाना बनाया था। जॉर्डन की तरफ से फिलहाल इस हमले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
Updated on:
10 Jun 2026 08:50 am
Published on:
10 Jun 2026 08:24 am
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