
यूएस अपाचे गनशिप (फोटो- BRICS News एक्स पोस्ट)
US Apache Gunship crash: मध्य पूर्व में जारी तनाव और हॉर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ते सैन्य दबाव के बीच अमेरिकी सेना का एक ए एच-64 अपाचे (AH-64 Apache) गनशिप हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा उस समय हुआ जब ईरान और इजरायल ने एक दिन पहले ही मिसाइल और ड्रोन से एक दूसरे पर हमले किए थे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की कि हेलिकॉप्टर में मौजूद दोनों पायलटों को सुरक्षित बचा लिया गया है और वे पूरी तरह ठीक हैं। हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि हेलिकॉप्टर तकनीकी खराबी से गिरा या फिर ईरानी फायरिंग का शिकार हुआ। अमेरिकी विदेश विभाग और यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस घटना पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार यह पहला मौका है जब मौजूदा संघर्ष के दौरान अमेरिकी सेना का कोई अपाचे गनशिप खोया गया है। फरवरी 2025 से शुरू हुए संघर्ष में ईरान पहले ही कई एम क्यू-9 रीपर (Reaper) ड्रोन और कुछ अमेरिकी फाइटर जेट्स को मार गिराने का दावा कर चुका है। अब इस हेलिकॉप्टर हादसे ने क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति को और गंभीर बना दिया है। बता दें कि, हॉर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में शामिल है और यहां बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों में भी चिंता बढ़ा दी है।
ए एच-64 अपाचे हेलिकॉप्टर अमेरिकी सेना की सबसे ताकतवर अटैक मशीनों में माना जाता है। हेलफायर मिसाइलों और अत्याधुनिक टारगेटिंग सिस्टम से लैस यह हेलिकॉप्टर ईरान के खिलाफ चल रहे अमेरिकी अभियानों में लगातार इस्तेमाल हो रहा है। अमेरिकी सेना इसे तेल टैंकरों की निगरानी, समुद्री नाकेबंदी और ड्रोन हमलों को रोकने के लिए उपयोग कर रही है। संयुक्त अरब अमीरात ने भी इसी हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल ईरानी ड्रोन को मार गिराने में किया था। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह हेलिकॉप्टर दुश्मन फायरिंग से गिरा है, तो यह अमेरिका के लिए बड़ा सामरिक झटका माना जाएगा।
जॉन एफ कैनेडी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनकी टीम कल इस हादसे पर विस्तृत रिपोर्ट जारी करेगी। उन्होंने ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर भी आशावाद जताया। ट्रंप ने कहा कि हम बहुत मजबूत और अच्छा समझौता करने के बेहद करीब हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि अमेरिका बड़े स्तर पर बमबारी करे तो भारी तबाही हो सकती है, लेकिन वे ऐसा नहीं चाहते क्योंकि इससे हजारों लोगों की जान जा सकती है। पाकिस्तान की अगुवाई में मध्यस्थ लगातार दोनों देशों के बीच समझौते की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यूरेनियम भंडार और प्रतिबंध हटाने जैसे मुद्दों पर गतिरोध बना हुआ है।
Published on:
09 Jun 2026 12:52 pm
बड़ी खबरें
View Allसमाचार
ट्रेंडिंग
