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ईरान की जवाबी कार्रवाई जारी, बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर किए हमले

Iran-US Conflict: ईरान और अमेरिका एक-दूसरे के ठिकानों पर हर दिन हमले कर रहे हैं। इससे मिडिल ईस्ट में तनाव काफी बढ़ गया है क्योंकि ईरान क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगी देशों को निशाना बना रहा है। एक बार फिर ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए हैं।
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Jul 24, 2026
Iran attacks Kuwait
ईरान ने किया हमला (File Photo)

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच तनाव की वजह से मिडिल ईस्ट में भी स्थिति काफी चिंताजनक हो गई है। अमेरिका ने जहाँ लगातार पिछली 13 रात ईरान के सैन्य और अन्य अहम ठिकानों पर हमले किए, तो ईरान ने भी बदला लेने के लिए मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सहयोगी देशों को निशाना बनाया। इनमें बहरीन (Bahrain), कुवैत (Kuwait) और जॉर्डन (Jordan) भी शामिल हैं। आज एक बार फिर ईरान ने इन तीनों देशों को दहलाया है।

अमेरिकी ठिकानों पर किए हमले

आईआरजीसी - इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC - Islamic Revolutionary Guard Corps) ने अमेरिका के हमलों का जवाब देने के लिए बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए हैं। इससे कई जगहों पर धमाकों के मामले सामने आए हैं।

आईआरजीसी का बड़ा दावा

आईआरजीसी ने दावा किया है कि उसके हमलों ने कुवैत के अली अल सलेम एयरबेस पर स्थित एक बहुत बड़े अमेरिकी गोला-बारूद डिपो पर एडवांस और बेहद घातक आत्मघाती ड्रोन से हमला कर उसे पूरी तरह नष्ट कर दिया है। आईआरजीसी ने आगे कहा कि उसकी सेनाओं ने इस एयरबेस पर अमेरिकी सेनाओं के आवास स्थलों पर भी हमला किया, जिससे कई सैनिक हताहत हुए। हालांकि इसका आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है और न ही अमेरिका की तरफ से अभी तक इसकी पुष्टि की गई है।

इसके अलावा आईआरजीसी ने बहरीन में एक अमेरिकी कंपनी के डेटा सेंटर के खिलाफ पहले किए गए सैन्य अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया और उसकी बची हुई इमारत को भी हमला करते हुए नष्ट कर दिया। आईआरजीसी ने यह भी दावा किया कि उसने कुवैत के अल-अदिरी शिविर में स्थित तीन अमेरिकी गोला-बारूद और उपकरण डिपो को ध्वस्त कर दिया और बहरीन में अमेरिकी सेना की फिफ्थ फ्लीट यूनिट के मुख्यालय के वॉचटावर पर हमला किया, जिससे भारी नुकसान हुआ।

इसके अलावा आईआरजीसी ने जॉर्डन के अल-अज़राक एयरबेस पर जोरदार हमला करने का भी दावा किया जिससे कई अमेरिकी फाइटर जेट्स को भारी नुकसान पहुंचने की बात कही गई है। इतना ही नहीं,आईआरजीसी ने इस एयरबेस पर स्थित अमेरिकी सेनाओं के आवास वाले बैरकों पर भी हमला किया गया, जिससे अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने की बात सामने आई है।