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US Seizes Iran Assets: डोनाल्ड ट्रंप के ऐलान से भड़का ईरान: ‘जब्त संपत्ति छुई तो दुनिया झेलेगी तबाही’, दी भयावह अराजकता की चेतावनी

Iran Latest News : अमेरिका द्वारा जब्त की गई ईरानी संपत्ति का इस्तेमाल जहाजों के नुकसान की भरपाई में करने के फैसले ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नए तूफान को जन्म दे दिया है। तेहरान ने इसे वैश्विक व्यवस्था पर हमला बताते हुए वित्तीय दुनिया के तबाह होने की आशंका जताई है। क्या वाशिंगटन का यह दांव दुनिया भर के देशों के विदेशी मुद्रा भंडार को गंभीर खतरे में डाल देगा?
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भारत

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Manoj Vashisth

•

Updated: 24 Jul 2026, 9:59 AM IST

Seyed Abbas Araghchi

Seyed Abbas Araghchi : ईरानी विदेश मंत्री की चेतावनी: 'कोई भी देश सुरक्षित नहीं रहेगा' (फोटो सोर्स:@aljazeera.com)

Iran Frozen Assets: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान की जब्त संपत्तियों को लेकर किए गए एक तीखे ऐलान के बाद मिडिल ईस्ट और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में खलबली मच गई है। ट्रंप प्रशासन ने घोषणा की है कि अमेरिका में मौजूद ईरानी संपत्ति का इस्तेमाल समुद्र में जहाजों और उनके सामान (कार्गो) को पहुंचने वाले किसी भी नुकसान की भरपाई के लिए किया जाएगा। ट्रंप के इस फरमान पर ईरान ने बेहद आक्रामक प्रतिक्रिया देते हुए साफ कहा है कि अगर दूसरे देश की संपत्ति को बिना अनुमति जब्त करने का चलन शुरू हुआ, तो पूरी दुनिया में भयावह अराजकता फैल जाएगी।

ईरानी विदेश मंत्री की चेतावनी: 'कोई भी देश सुरक्षित नहीं रहेगा'

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर ट्रंप के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे एक "आग लगाने वाला वैश्विक उदाहरण" (Incendiary Global Precedent) करार दिया।

अब्बास अराघची ने चेतावनी देते हुए लिखा:

"असंगत और भविष्य के दावों का भुगतान करने के लिए किसी दूसरे देश की संपत्ति को जब्त करना बेहद खतरनाक परंपरा शुरू कर रहा है। जो लोग आज इस तरह की कार्रवाई पर जश्न मना रहे हैं या इससे लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं, वे याद रखें—जब सरकारें जब्तीकरण को सामान्य बना देती हैं, तो किसी भी देश की संपत्ति सुरक्षित नहीं रहती। इसके बाद जो अराजकता फैलेगी, वह न तो सुंदर होगी और न ही शांतिपूर्ण।"

क्या है विवाद की असल वजह?

दरअसल, फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक कड़ा बयान जारी किया। ट्रंप ने लिखा कि अमेरिका के नियंत्रण में मौजूद ईरानी पैसों से उन सभी व्यावसायिक जहाजों, कार्गो और समुद्री संपत्तियों के नुकसान का हर्जाना भरा जाएगा, जिन्हें किसी भी प्रकार का नुकसान पहुंचेगा।

हालांकि ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे अमेरिका में सीज किए गए किस विशिष्ट फंड का इस्तेमाल करेंगे, लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण दुनिया भर के बैंकों और अमेरिकी संस्थानों में ईरान की अरबों डॉलर की संपत्ति जमा (Frozen) है।

कितना बड़ा है यह वित्तीय दांव?

यह विवाद सिर्फ दो देशों के बीच का नहीं है, बल्कि इसके तार वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े हुए हैं:

100 अरब डॉलर से अधिक की संपत्ति जमा: एक अनुमान के अनुसार, अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण तेहरान की करीब $100 Billion (100 अरब डॉलर) से अधिक की राष्ट्रीय संपत्ति विदेश में फ्रीज पड़ी है।

समुद्री व्यापार का संकट: दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। हालिया तनाव और हमलों के चलते वैश्विक शिपिंग कंपनियों को भारी वित्तीय नुकसान झेलना पड़ रहा है, जिसे वसूलने के लिए ट्रंप प्रशासन यह रास्ता अपना रहा है।

अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नियमों पर संकट: आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी देश की संप्रभु संपत्ति (Sovereign Assets) का इस्तेमाल तीसरे पक्ष के नुकसान की भरपाई के लिए सीधे किया जाने लगा, तो केंद्रीय बैंकों और वैश्विक बैंकिंग प्रणालियों पर से देशों का भरोसा उठ सकता है।

(सोर्स: @aljazeera.com)