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US Imposes 10% Additional Tariff on India: अमेरिका ने भारत पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाया, फोर्स्ड लेबर जांच के बाद लिया फैसला

US Announces 10% additional tariff on India: अमेरिका ने फोर्स्ड लेबर जांच के बाद भारत पर सेक्शन 301 के तहत 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाया है। पढ़े- पूरी रिपोर्ट।
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भारत

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Satya Brat Tripathi

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Updated: 24 Jul 2026, 8:25 AM IST

US Imposes 10% Additional Tariff on Indian Imports.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्र्ंप। (Photo- IANS)

US Imposes Additional Tariff on Indian Imports: अमेरिका ने गुरुवार को भारत समेत एक दर्जन से ज्यादा देशों से आने वाले सामान पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। यह फैसला अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय द्वारा 'सेक्शन 301' के तहत कई महीनों तक चली जांच के बाद लिया गया। भारत के लिए यह राहत की बात रही कि उसे 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 301 के तहत पहले प्रस्तावित 12.5% टैरिफ की बजाय 10% टैरिफ का सामना करना पड़ेगा। भारत 10% टैरिफ के साथ अब पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश सहित कई लैटिन अमेरिकी और एशियाई देशों की श्रेणी में आ गया है। अमेरिका द्वारा लगाई गई ये नई दरें आज शुक्रवार से ही प्रभावी हो गई हैं।

USTR के अनुसार, भारत उन 17 देशों में शामिल है, जिन पर 10 प्रतिशत का कम टैरिफ लगाया जाएगा। इस स्लैब में शामिल 17 देशों में यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन), कनाडा, इंडोनेशिया, मैक्सिको और बांग्लादेश भी शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि मूल रूप से भारत पर 12.5 प्रतिशत टैरिफ लगाने पर विचार किया जा रहा था, लेकिन अमेरिका के साथ हुई बातचीत के बाद इसे 10 प्रतिशत की श्रेणी में रखा गया।

क्या है Section 301?

अमेरिकी ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 (Section 301) के तहत भारत और अन्य देशों पर 10 से 12 प्रतिशत तक टैरिफ लगाए गए हैं। इस कानून के तहत अमेरिका उन देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगा सकता है, जिनकी व्यापारिक नीतियों को वह अनुचित मानता है। भारत के खिलाफ इसी धारा के तहत एक और जांच भी चल रही है, जो देश की अधिक उत्पादन क्षमता से जुड़ी है।

अमेरिका ने कुल 60 देशों पर यह टैरिफ लगाया है। इन देशों का अमेरिकी आयात में 99% से ज्यादा हिस्सा है। अमेरिका का कहना है कि इन देशों ने जबरन मजदूरी से बने सामान के आयात पर रोक लगाने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं।

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर ने कहा कि यह फैसला मानवाधिकारों की रक्षा और निष्पक्ष व्यापार को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी देश जबरन मजदूरी से बने सामान के आयात पर सख्ती से रोक लगाएंगे।

भारत के लिए यह चिंता की बात

भारत की चिंता यह है कि उसके खिलाफ Section 301 के तहत दो जांच चल रही हैं, जबकि पाकिस्तान और श्रीलंका जैसे देशों पर केवल एक ही जांच है। अगर भविष्य में उन देशों पर भारत से कम टैरिफ लगता है, तो अमेरिकी बाजार में भारतीय निर्यात को नुकसान हो सकता है।