
Iran Crude Oil Export: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की नाकेबंदी और कड़े प्रतिबंधों के ऐलान के बावजूद ईरान का कच्चे तेल (Crude Oil) का निर्यात जारी है। ईरान के तेल मंत्री मोहसेन पाकनेजाद (Mohsen Paknejad) ने हाल ही में इसकी पुष्टि की है।
उन्होंने कहा कि ईरान का तेल व्यापार पूरी तरह रुका नहीं है और वे दूरदराज के बाजारों में अपने ग्राहकों को लगातार कच्चे तेल की आपूर्ति कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने सुरक्षा कारणों से परिचालन से जुड़ी तमाम गुप्त जानकारियां साझा करने से साफ इनकार कर दिया।
ईरान के तेल मंत्रालय के अनुसार, अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद उसका सप्लाई नेटवर्क सुचारू रूप से काम कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि पिछले महीनों के तनावपूर्ण माहौल और युद्धविराम के दौरान भी ईरान 18 अरब डॉलर का तेल बेचने में सफल रहा था। हालांकि, ईरान के मंत्री ने स्वीकार किया कि अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी और प्रतिबंधों के कड़े होने के कारण तेल निर्यात के कुल वॉल्यूम (मात्रा) में कुछ गिरावट जरूर आई है, लेकिन बिक्री पूरी तरह बंद नहीं हुई है। तेल मंत्री मोहसेन पाकनेजाद ने स्पष्ट कहा, "तेल की बिक्री रुकी नहीं है। मैं इसके विवरण में नहीं जाऊंगा, क्योंकि अगर जानकारी सार्वजनिक हुई, तो दुश्मन इसका फायदा उठा सकते हैं।
वैश्विक बाजार विश्लेषकों के अनुसार, ईरान का अधिकांश कच्चा तेल अभी भी 'शैडो फ्लीट' (गुप्त जहाजों) और मलेशिया-इंडोनेशिया जैसे देशों के रूट से होते हुए चीन की स्वतंत्र रिफाइनरियों तक पहुंच रहा है, जिसका भुगतान युआन (Yuan) में किया जा रहा है। ऐसे में ईरान से कच्चे तेल की खरीद में चीन सबसे बड़े खरीदार के रूप में उभरा है।
अमेरिकी प्रशासन ने 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' के तहत ईरान की आर्थिक घेराबंदी को और कड़ा कर दिया है। इसके तहत अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान से तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पाद खरीदने वाली वैश्विक कंपनियों पर कड़े प्रतिबंध (Secondary Sanctions) लगाए हैं। हाल ही में अमेरिका ने ईरान से तेल व्यापार करने के आरोप में चार भारतीय कंपनियों और तीन नागरिकों पर भी आर्थिक प्रतिबंध लागू किए हैं।